बरेली के नवाबगंज कस्बे के एक राइस मिलर के बेटे का शव ढाई माह बाद मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम से बरामद हुआ है। परिजनों ने युवक की हत्या की आंशका जताई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन शव को लेने के लिए मध्यप्रदेश रवाना हो गए।
कस्बे के मोहल्ला मियां की मस्जिद के पास रहने वाले राइस मिलर रईस अहमद का 20 वर्षीय बेटा मोहम्मद रिजवान 10 नवंबर को अपने घर से देहरादून में किसी कंपनी में काम करने के लिए कहकर घर से निकला था, लेकिन वह देहरादून न जाकर मध्य प्रदेश में काम कर रहे अपने दोस्त के कहने पर वहां पहुंच गया। मध्य प्रदेश पहुंचने के बाद परिजनों को उसने अपने पहुंचने की जानकारी दी थी, लेकिन उसके तीन-चार दिन बाद जब फोन लगाया तो उसका फोन बंद था। उसके बाद परिजनों ने उसकी गुमशुदगी दर्ज करा दी।
एक माह बाद गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस ने परिजनों द्वारा शक जाहिर किए जाने पर कस्बे के एक युवक को हिरासत में लिया था, लेकिन उसे हिरासत में रखे जाने के बाद भी पुलिस जानकारी जुटाने में कामयाब नहीं हो पाई।
एसएसपी के आदेश पर भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जब परिजनों द्वारा दबाव डाला गया तो पुलिस ने बिना क्राइम नंबर डाले ही मुकदमा दर्ज कर उसे मध्य प्रदेश भेज दिया। बृहस्पतिवार को मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा नवाबगंज पुलिस को रिजवान नाम के युवक का शव बरामद होने की जानकारी दी गई, जिस पर रात में ही थाने के एक उपनिरीक्षक युवक के परिजनों को लेकर मध्य प्रदेश रवाना हो गए।