14 मार्च को कराई थी गुमशुदगी
परिजनों ने बताया कि नौ दिन पहले विनोद लापता हो गए थे। उनकी पत्नी ने 14 मार्च को थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। परिजनों ने बताया कि वह विनोद की तलाश में जगह-जगह भटक रहे थे। थाने के चक्कर लगा रहे थे। शक के आधार पर उन्होंने कुछ लोगों के खिलाफ हत्या की तहरीर दी थी। मामले में इंस्पेक्टर केबी सिंह ने बताया कि तीन दिन पहले परिजनों की तहरीर मिली थी। इसके आधार पर गुमशुदगी दर्ज की गई। शव की हालत ऐसी नहीं है जो हत्या का अंदाजा लगाया जा सके, पोस्टमार्टम कराकर ही सच्चाई का पता लगेगा।
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गांव के ही कुछ लोगों पर हत्या का आरोप
सीओ आंवला नितिन कुमार ने बताया कि परिजनों ने गांव के कुछ लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। तहरीर के आधार पर नामजद रिपोर्ट दर्ज की जा रही है, विवेचना में सच्चाई सामने लाई जाएगी। जल्द खुलासा किया जाएगा। उधर, परिजनों ने बताया कि विनोद के पास उसके पिता के साथ ही दो अविवाहित चाचा की संपत्ति भी थी, इसलिए कई लोग उसे कर्ज देते रहते थे। खेत में सिंचाई को लेकर भी विनोद का कुछ लोगों से झगड़ा हुआ था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।