बरेली। विदेशी हवाई सेवाएं बहाल नहीं होने से पासपोर्ट आवेदक आधे से भी कम हो गए हैं। स्थिति यह है कि पासपोर्ट सेवा केंद्रों पर लगने वाली भीड़ भी पहले जैसी नहीं दिख रही है। जबकि विदेश मंत्रालय ने बरेली से संबद्ध 13 जिलों में आठ पोस्ट आफिस सेवा केंद्र बहाल कर दिए हैं।
करीब सात माह पहले लॉकडाउन शुरू होते ही भारत से संचालित विदेशी हवाई सेवाएं स्थगित कर दी गईं थी। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर रोक लगने से भारत से विदेश जाने वालों पर भी ब्रेक लग गया था। इसके साथ ही हज यात्रा भी नहीं हो पाई थी। विदेशों में नौकरी और कारोबार करने वाले भी इससे प्रभावित हुए। अंतरराष्ट्रीय आवागमन ठप होते ही पासपोर्ट समेत तमाम कार्यालय भी बंद हो गए। आवेदकों को अपने अप्वाइंटमेंट तिथि आगे बढ़ाने की अनुमति दे गई। लॉकडाउन समय-समय पर बढ़ता रहा और पासपोर्ट बनाने की प्रक्रिया भी इसी क्रम में बढ़ी। करीब चार माह पहले स्थिति सामान्य होते ही विदेश मंत्रालय ने धीरे-धीरे अप्वाइंटमेंट तिथियां आवंटित करना शुरू करा दिया। बरेली पासपोर्ट कार्यालय से संबद्ध रामपुर, मुरादाबाद, बिजनौर, अमरोहा, बदायूं, पीलीभीत, एटा, कासगंज, फिरोजाबाद, शाहजहांपुर, मैनपुरी, संभल जिलों से हर दिन करीब एक हजार आवेदकों को मौका यानी अप्वाइंटमेंट दिए जाते हैं। लेकिन स्थिति यह है कि चार माह बीतने के बावजूद भी आवेदकों की तादाद नहीं बढ़ रही है। मंत्रालय आंकड़ों के मुताबिक निर्धारित कोटा से आधे भी आवेदन नहीं हो रहे हैं। इसलिए पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीएसके) पर सुबह से देर शाम तक रहने वाली रौनक गायब है।
अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाएं शुरू नहीं होने का असर
विदेश सैर-सफाटा, कारोबार, नौकरी और अन्य कारणों से ही लोग पासपोर्ट बनवाते हैं। लेकिन पिछले सात माह से अंतरराष्ट्रीय उड़ने स्थगित हैं। अभी तक सरकार ने इसे शुरू करने पर भी कोई फैसला नहीं लिया है। यही नहीं बल्कि घरेलू उड़ाने भी संचालित नही हो रही हैं। इसलिए पासपोर्ट पाने के लिए आवेदन भी नहीं हो रहे हैं। जो लोग आवेदन कर रहे हैं उनका उद्देश्य पासपोर्ट बनवा कर रखना भर है।
पासपोर्ट आवेदकों की तादाद आधी भी नहीं रही है। पासपोर्ट विभाग ने अप्वाइंटमेंट सुविधा चार माह पहले ही बहाल कर दी है। कम आवेदन होने से पीएसके और कार्यालय कामकाज पर बोझा अभी कम है। - मोहम्मद नसीम, क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी