बरेली। कोविड अस्पतालों में भर्ती कोरोना संक्रमितों को सुविधाएं मुहैया करा पाने में स्वास्थ्य विभाग नाकाम साबित हो रहा है। पिछले दिनों बिथरी कोविड अस्पताल और एक निजी मेडिकल कॉलेज में व्याप्त अव्यवस्थाओं की संक्रमितों ने पोल खोली थी। अब चार दिन पहले ही तीन सौ बेड अस्पताल में बने कोविड अस्पताल में भी अव्यवस्था के वीडियो वायरल हुए हैं। ट्विटर पर स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों के अलावा सीएम पोर्टल पर भी शिकायत की गई है। यह भी कहा गया है कि खाने की सप्लाई का ठेका विधायक के करीबी को दे दिया गया है लिहाजा खाना समय पर मिले न मिले, अब कोई सुनता तक नहीं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोविड अस्पताल में भर्ती मरीजों को सुविधाएं देने का भले ही दावा किया जा रहा हो, लेकिन हकीकत संक्रमितों की ओर से वायरल वीडियो बयां कर रहे हैं। सोमवार को पॉजिटिव मिले संक्रमितों को कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इनमें से कई संक्रमितों ने वीडियो और फोटो वायरल कर सिस्टम की पोल खोली है। उनके मुताबिक, अस्पताल में खाने की गुणवत्ता सही नहीं है। यहां कोई दवा भी नहीं दी जा रही है। वार्ड में सफाई का अभाव है। वाश बेसिन में पाइप ही नहीं लगा है। पानी फर्श पर बहता रहता है। शौचालय बदहाल हैं। उन्होंने इनके वीडियो और फोटो अफसरों को भेजकर खामियों को दूर करने का अनुरोध किया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब मुख्यमंत्री के पोर्टल और ट्विटर पर शिकायत की है।
टेंडर के पहले दिन ही रही खामी
संक्रमितों से मिली जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को पुराना टेंडर खत्म होने पर नई फर्म को खाना सप्लाई की जिम्मेदारी दी गई। यह टेंडर एक विधायक के करीबी को मिलने की बात कही जा रही है। पहले ही दिन संक्रमितों को समय पर खाना नहीं मिला। सुबह जो नाश्ता मिला, वह भी ठीक नहीं था। कई संक्रमितों ने नाश्ता लिया ही नहीं। दोपहर का खाना भी देर से दिया गया। इस बीच संक्रमित भूख से बेचैन रहे। संक्रमितों को दूध, फल और मिठाई भी नहीं दी गई।
कोविड अस्पताल में साथ ले जा रहे गुटखा
संक्रमितों को भर्ती करने से पहले उन्हें तैयार रहने के निर्देश दिए जाते हैं। इस बीच तमाम ऐसे संक्रमित जो गुटखा, खैनी आदि का सेवन करते हैं, वे अपने साथ करीब 14 दिन आइसोलेट रहने के हिसाब से गुटखा और खैनी भी साथ ले जा रहे हैं। संक्रमण के डर से उनका बैग चेक नहीं किया जाता है। वायरल फोटो में वॉश बेसिन में गुटखा, पान और खैनी की पीक साफ दिख रही है।
वर्जन:
तीन सौ बेड कोविड अस्पताल शुरू हुए चार दिन ही हुए हैं और वहां सारा नया सामान लगाया गया हैं। कुछ संक्रमित अस्पताल में नहीं रहना चाहते इसलिए खुद वहां गंदगी फैलाकर उसे अव्यवस्था बता रहे हैं। संक्रमितों को भी सहयोग करना चाहिए। अगर कोई खामी है तो उसे दूर किया जाएगा। - डॉ. विनीत शुक्ल, सीएमओ