छानबीन के दौरान मंगलवार रात पुलिस ने जोरी नगला तिराहे से कासगंज के सिकंदरपुर वैश्य थाना क्षेत्र के गांव नवाबगंज नगरिया निवासी राजकुमार जोशी और डरैय्या नगला निवासी ज्ञान सिंह शाक्य को दबोच लिया। दोनों ने पूछताछ में बताया कि इस घटना को अंजाम उनके साथी न्याजी नगला निवासी इरफान ने दिया था। दरअसल इरफान का बेटा इकराम और साले पंखिया नगला के कमल हसन की हत्या में जेल में हैं।
इरफान कई बार कमल हसन के बहनोई नाजिम और जूने आलम से फैसले की बात कर चुका था लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं थे। इससे उसने दोनों को फंसाने के लिए कादरचौक इलाके में आकर दोनों किसानों को गोली मारी थी और विजिटिंग कार्ड पकड़ाया था। फिलहाल पुलिस ने राजकुमार और ज्ञान सिंह को जेल भेज दिया है। इरफान की तलाश शुरू कर दी गई है।
किसानों को गोली मारने से पहले पी थी शराब
घटना में शामिल आरोपी ज्ञान सिंह इस समय कादरचौक में रह रहा है। इरफान और राजकुमार उसी के पास पहुंचे थे। उन्होंने कस्बे से शराब के आठ क्वार्टर खरीदे और कस्बे के दक्षिण दिशा में स्थित एक बाग में जाकर शराब पी और बाइक लेकर निकल गए। उन्होंने लभारी गांव के नजदीक पुलिया के नीचे बाइक छिपाई और फिर किसानों को गोली मारी थी।