उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में मंगलवार शाम एक शातिर बदमाश ने पहले अपने भाई को चाकू मारकर घायल कर दिया। घर से भागा तो दूसरे गांव में एक बच्ची का अपहरण कर गन्ने के खेत में ले गया, वहां उससे दरिंदगी की। सुबह पुलिस ने उसे पकड़ा तो बाइक से सिपाही को गिराकर उसकी सरकारी पिस्टल लेकर भाग निकला। गनीमत रही कि कुछ ही देर में पुलिस ने घेराबंदी कर बदमाश को मुठभेड़ में पकड़ लिया। उसके पैर में गोली लगी है।
भुता थाना क्षेत्र के गांव बंजरिया निवासी प्रमोद बीते एक साल से जेल में बंद था। पिछले सप्ताह ही वह जेल से जमानत पर छूटकर आया है। मंगलवार शाम को प्रमोद का अपने भाई से झगड़ा हो गया। इस पर उसने चाकू मारकर उसे घायल कर दिया।
इसके बाद प्रमोद पास के ही एक गांव में पहुंचा। यहां 10 वर्षीय बालिका शाम करीब छह बजे अपने घर के पीछे लकड़ी बीन रही थी। बालिका को अकेले देख प्रमोद उसे पकड़कर गन्ने के खेत में खींचकर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। बालिका के लापता होने पर परिजन समेत गांव के कई लोग तलाश में जुट गए।
देर रात लगभग दो बजे गांव में ट्रांसफार्मर के पास खेत में बालिका बेसुध हालत में मिली। उसने परिजनों को पूरी बात बताई। मौके पर पहुंची पुलिस ने पिता की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी।
चूंकि घटना कुछ घंटों पहले की ही थी लिहाजा पुलिस समझ गई कि आरोपी अभी भाग नहीं पाया होगा। पुलिस ने घेराबंदी शुरू कर दी। पुलिस के साथ ही गुस्साए ग्रामीण भी प्रमोद की तलाश में जुट गए। सुबह करीब आठ बजे पुलिस को सूचना मिली की बंजरिया गांव के जंगल के पास प्रमोद को देखा गया था। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।