किशोरी के पास मिले मोबाइल की इनकमिंग भी बंद
तीन मोबाइल की कॉल डिटेल से पुलिस को खुलासे का रास्ता मिलता नजर आ रहा है। परिवार के मुताबिक दो मोबाइल ही घर पर थे, जबकि पुलिस को किशोरी की मां के नाम से चल रहे सिम वाले तीसरे मोबाइल का भी पता मिला है। ये नंबर घटना के बाद से बंद है।
किशोरी के शव के पास मिले मोबाइल की इनकमिंग दो फरवरी से और आउटगोइंग पहले से बंद मिली है। पुलिस ने जिन लोगों को ट्रेस किया है, वो घटना के बाद से घर पर नहीं हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस अनैतिक संबंधों जैसा चौंकाने वाला खुलासा भी कर सकती है।
माता-पिता नहीं आए, दूसरों ने किया अंतिम संस्कार
किशोरी के पिता को पुलिस ने कॉल करके मंगलवार को ही सूचना दे दी थी, लेकिन वह घर नहीं आए। उन्होंने बताया कि वह अपने बीमार बेटे की जान बचाने की कोशिश में एक से दूसरे शहर और अस्पताल घूम रहे हैं। जब बेटे की हालत सही होगी, तभी लौटेंगे। पोस्टमार्टम कराने परिवार के दूसरे लोग आए और उन्हीं लोगों ने शाम को रिया के शव को दफना दिया।
पिता की हो चुकी हत्या, परिवार की महिलाएं भी तेजतर्रार
घटना के बाद पुलिस ने रिकॉर्ड चेक किया तो पता लगा कि विजय के पिता की भी हत्या की गई थी। परिवार की अलग-अलग लोगों से बरसों से रंजिश रही हैं, हालांकि इस स्तर की दुश्मनी नहीं है कि कोई उसकी बेटी की हत्या कर दे। ग्रामीणों ने पुलिस को ये भी बताया कि विजय की मां व पत्नी समेत सभी महिलाएं भी खासी तेजतर्रार हैं और मुश्किल की स्थिति में डटकर मुकाबला कर सकती हैं।
आरपार निकल गई थी गोली, रजाई में छेद नहीं
पोस्टमार्टम में पता लगा कि 315 बोर की गोली रिया के सीने के आरपार हो गई थी। हृदय, लिवर, फेफड़े फट गए थे। पैनल में मौजूद महिला डॉक्टर ने सैंपल लिए, हालांकि प्रारंभिक तौर पर दुष्कर्म जैसी स्थिति नहीं मिली। पुलिस को शव के ऊपर मिली रजाई में गोली का छेद नहीं मिला। ऐसे में पेच फंस गया है कि यदि हत्यारे ने अगर रजाई हटाकर गोली मारी भी तो उसे ओढ़ाकर जाने की जहमत क्यों उठाई। फायर की आवाज भी किसी ने नहीं सुनी। पुलिस इन सवालों के जवाब खोज रही है।
एसएसपी अखिलेश चौरसिया ने बताया कि नामजद लोगों से पूछताछ की गई है। प्राथमिक तौर पर उनके खिलाफ साक्ष्य नहीं मिले हैं। घटना में कई और बिंदुओं पर जांच की जा रही है। जल्दी ही सही स्थिति सामने आ जाएगी। किसी निर्दोष को जेल नहीं भेजा जाएगा, दोषी बचेंगे नहीं।