दिन- सोमवार, वक्त-12.30 बजे अपराह्न, स्थान- कटरा चांद खां के बालजती स्कूल में रोजाना की तरह बच्चे पढ़ाई में लगे हैं। तभी फूल मालाओं से लदी एक लग्जरी कार आकर रुकती है जिससे बाहर निकलने वाले शख्स प्रदेश के वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल हैं। टीचर और बच्चे उन्हें देखकर खड़े हो जाते हैं। वित्त मंत्री भाजपा महानगर अध्यक्ष उमेश कठेरिया से मिठाई का डिब्बा मंगाकर बच्चों को मिठाई बांटने लगते हैं। टीचर अचकचाते हैं लेकिन वित्तमंत्री कुछ नहीं बोलते। उनके समर्थक बताते हैं कि आज वित्तमंत्री जी ने अपने जन्म दिन पर उन्होंने बालजती के तीन और खुर्रम गौंटिया का एक प्राइमरी और जूनियर स्कूल गोद ले लिया है। अब इन स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी वित्तमंत्री की। वित्तमंत्री वंदे मातरम का नारा लगवाकर बच्चों से रूबरू होते हैं और शुरू हो जाता है सवाल जवाब का सिलसिला-
राजेश अग्रवाल : आपने मोदी जी का नाम सुना है!
बच्चे : जी हां।
राजेश अग्रवाल : वह क्या कर रहे हैं!
बच्चे : देश की सेवा कर रहे हैं।
राजेश अग्रवाल : आपको ड्रेस मिली!
बच्चे : जी हां, मिल गई।
राजेश अग्रवाल : पांव देखकर, जूते नहीं मिले।
बच्चे : चुप,
राजेश अग्रवाल : (प्रधानाध्यापक से) कितने बच्चे हैं!
प्रधानाध्यापक : 480 बच्चे हैं, साहब।
राजेश अग्रवाल : इनकी लिस्ट दीजिए। स्कूल में क्या कमी है। वह दो से तीन दिन में बता दीजिए ।
प्रधानाध्यापक : जी।
फिर बच्चों से : बड़ा बनना है तो पढ़ाई में खूब मेहनत करो। जो बच्चे किसी वजह से पढ़ने नहीं आ पाते। उनको भी स्कूल लेकर आओ। अब ये बताओ कि आपको क्या तकलीफ है
बच्चे : सर, कोई तकलीफ नहीं
राजेश अग्रवाल : क्यों नहीं। हमें तो बहुत गर्मी लग रही। स्कूल में पंखे नहीं। कितने पंखे लगने हैं। इसकी सूची बनाकर दो। कितना फर्नीचर चाहिए और क्या जरूरत है। उसको भी इसी हफ्ते तक लिखकर दो। स्कूल में दो ठंडे पानी की मशीनें लगवाओ। एक-एक नया टॉयलेट बनवाओ।