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एकतरफा कार्रवाई हुई तो सामूहिक इस्तीफा देंगे

Tue, 19 Sep 2017 01:46 AM IST
बरेली
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जिला अस्पताल में भाजपाइयों और स्टाफ के बीच हुए बवाल के बाद मामला अभी तक गर्म है। सोमवार को जिला अस्पताल के स्टाफ ने दो घंटे तक कार्य बहिष्कार कर घटना पर विरोध जताया। इस दौरान नारेबाजी और प्रदर्शन के बीच चेतावनी दी गई कि अगर इस मामले में गलत कार्रवाई की गई तो जिला अस्पताल का स्टाफ सामूहिक रूप से इस्तीफा दे देगा। हालांकि इमरजेंसी सेवाओं को प्रभावित नहीं किया गया। 
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जिला अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को डॉक्टर सुबह दस बजे के बाद बैठे। मरीजों को दवाआें का वितरण भी काफी देर से शुरू हुआ। सोमवार को दो घंटे कार्य बहिष्कार के चलते ओपीडी के ताले तो खुल गए लेकिन कोई चिकित्सक दस बजे तक नहीं बैठा। वार्डों में राउंड के बाद परिसर में ही नारेबाजी की गई। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने इस दौरान कहा कि उनकी मंशा मरीजों को नुकसान पहुंचाना नहीं है इसलिए सिर्फ  दो घंटे का सांकेतिक कार्य बहिष्कार किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस मामले में अगर गलत कार्यवाही हुई तो सभी डॉक्टर और कर्मचारी सामूहिक रूप से इस्तीफा दे देंगे। इस दौरान पीएमएस के सचिव डॉ. वागीश वैश्य, डॉ. वीके धस्माना, डॉ. एमएल शर्मा, स्टाफ नर्स नीरा लाल, सोनिया मसीह, फार्मासिस्ट संघ के बीसी यादव, चतुर्थ श्रेणी संघ के राधेश्याम, महेंद्र यादव, लिपिक संवर्ग के कई कर्मचारी शामिल रहे। 

विरोध की खबर पर सतर्क हुआ प्रशासन
जिला अस्पताल में विरोध प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार की खबर पर जिला प्रशासन एलर्ट हो गया। प्रशासन ने चिकित्सा अधिकारियों से संपर्क करना शुरू कर दिया। पुलिस को भी जिला अस्पताल भेजा गया। प्रदर्शन में शामिल चिकित्सकाें के अलावा स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और लिपिकों की एसोसिएशन के पदाधिकारियों से बातचीत की गई और उन्हें कार्य बहिष्कार बंद करने को कहा गया। हालांकि प्रशासन के दबाव बनाने के बावजूद अस्पताल के स्टाफ ने दस बजे के बाद ही काम शुरू किया। 
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डॉक्टरों ने व्यापारियों के ज्ञापन पर उठाए सवाल
संयुक्त व्यापार मंच ने उप मुख्यमंत्री को दिए ज्ञापन में एक डॉक्टर और स्टाफ नर्स की क्रिमिनल हिस्ट्री बताई है। इस पर भी डॉक्टरों और नर्सों के तेवर सोमवार को गरम दिखे। डॉक्टराें का कहना था कि मामले की पूरी जानकारी व्यापारियाें को नहीं है। उनके आरोप गलत हैं, स्टाफ नर्स कभी जेल ही नहीं गई हैं। इस पर संघ की ओर से एक चिट्ठी शासन को भेजी जाएगी।

अब कार्य बहिष्कार नहीं मगर काली पट्टी बांधेंगे 
जिला प्रशासन का संदेश मिलने के बाद जिला अस्पताल के कर्मचारी संगठनाें ने निर्णय लिया है कि वे आगे कार्य बहिष्कार तो नहीं करेंगे, लेकिन काली पट्टी बांधकर काम करेंगे। दो घंटे का कार्य बहिष्कार कई दिनाें तक चलना था लेकिन अब इसे रोक दिया गया है। 
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