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फाइलें रोके जाने पर उखड़े प्रभारी मंत्री

Fri, 12 May 2017 01:26 AM IST
बरेली।  
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Minister in charge of rolling out files when paused - फोटो : बरेली, अमर उजाला
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प्रभारी मंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि किसी भी पटल पर कोई पत्रावली एक हफ्ते से ज्यादा रुकती है तो अफसरों की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगेगा। अफसरों को किसी फाइल में कार्य न कराने का संदेह होता है तो दो दिन में क्रास चेकिंग करा लें और तुरंत पत्रावलियां निस्तारित करें। क्रास चेकिंग में संस्था गलत निकलती है तो उसको तुरंत ब्लैक लिस्टेट किया जाए। बेवजह कोई फाइल रोकी तो सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। 
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विकास भवन सभागार में आयोजित जिला योजना समिति की बैठक में एमएलसी डा. वसीम बरेलवी ने कहा कि उन्होंने अपनी विधायक निधि से बच्चों का आईसीयू बनाने के लिए बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत और बदायूं के जिला अस्पतालों को 25-25 लाख रुपये दिए थे। सात महीने से डीआरडीए में सिर्फ फाइल चल रही है। कोई काम नहीं हुए। इस पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि सपा-बसपा की सरकार में जो होता रहा है, भाजपा सरकार में वह नहीं होगा। एक हफ्ते के अंदर आईसीयू बनने का काम शुरू हो जाए। अगर संस्था आईसीयू नहीं बना रही है तो उसको ब्लैक लिस्टेड किया जाए। जिलाधिकारी खुद इसकी मानीटरिंग करें। अभी वह अफसरों को सिर्फ काम सौंप रहे हैं। अगली बार  निरीक्षण करेंगे तब कार्रवाई होगी। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली पर सरकार का खास फोकस है। उनको प्राथमिकता दी जाए। 

462 करोड़ की जिला योजना मंजूर
प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में बृहस्पतिवार दोपहर 12 से अपराह्न साढ़े तीन बजे तक चली जिला योजना समिति की बैठक में सीडीओ डा. सत्येंद्र कुमार ने रुपरेखा प्रस्तुत की। कुल 462 करोड़ के प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए। खेलकूद छोड़कर शेष मदों में बिना संशोधन पूरा बजट स्वीकृत कर दिया गया। प्रभारी मंत्री ने शासन से स्वीकृत पूरा बजट दिलाने का भरोसा दिलाया।  डीएम डा. पिंकी जोवेल ने प्रभारी मंत्री को भरोसा दिलाया कि जिला योजना समेत सरकार की मंशा के सभी काम समय से पूरे होंगे। 
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सड़कें गड्ढामुक्त कब होंगी ! 
प्रभारी मंत्री ने पीडब्ल्यूडी एक्सईएन संजीव भारद्वाज से पूछा कि सड़कों को गड्ढामुक्त करने की दिशा में क्या प्रगति है।  15 जून तक गड्ढामुक्त हो जाएंगे या नहीं। मुख्यमंत्री के निर्देश का पालन नहीं होने पर जिम्मेदारी आपकी होगी।  एक्सईएन ने जवाब दिया कि बजट मिल चुका है। काम शुरू करा दिया गया है। 

पुरानी जिला योजना के कामों की होगी जांच
बरेली। प्रभारी मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि पिछले साल की जिला योजना में शासन से 222 करोड़ रुपये आए। तीन महीने में इन कामों को पूरा कैसे दिखा दिया गया। उन्होंने कहा कि डीआरडीए के कामों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की शिकायतें शासन में पहुंच रही हैं। बड़े पैमाने पर बजट का दुरुपयोग किया गया। भौतिक सत्यापन में अगर गड़बड़ी मिली तो दोषी अफसर और कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी। 

ट्रांसपोर्ट नगर पर काम तेज करें
प्रभारी मंत्री ने जिलाधिकारी से कहा कि 17 साल से बरेली में ट्रांसपोर्ट नगर नहीं बस पाया। ट्रांसपोर्ट बसाने में आने वाली अड़चनों को दूर कर शहर के अंदर ट्रकों को टीपी नगर पहुंचाया जाए। डीएम से कहा कि वह सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट चलाने में आने वाली बाधाओं को दूर कराकर प्लांट चलवाने के लिए काम शुरू कराएं क्योंकि कूड़े के निस्तारण के लिए प्लांट का चलना जरूरी है। 

कृषि उपनिदेशक को फटकार
 उपनिदेशक एसएन सिंह से कृषि विभाग में बीज खरीद, किसानों को मिलने वाले अनुदान, प्रशिक्षण आदि के बारे में पूछा। वह न तो किसानों की सूची दे पाए और न ही बीज के रेट बता पाए। प्रभारी मंत्री ने उनको होम वर्क करके आने की चेतावनी दी।  कृषि विभाग की प्रगति शून्य है।

फर्जी सट्टे बंदे कराएं
 प्रभारी मंत्री ने जिले की पांचों चीनी मिलों से गन्ना किसानों का बकाया भुगतान कराने को कहा। नवाबगंज विधायक ने कहा कि किसानों के बजाय चीनी मिल दलालों के फर्जी सट्टे कर देते हैं। किसानों को उसका फायदा नहीं मिल पाता। फर्जी सर्वे से होने वाले सट्टे बंद कराएं। एमएलसी जयपाल सिंह व्यस्त और फरीदपुर विधायक डा. श्याम बिहारी लाल ने प्रधानमंत्री आवास अपात्रों को देने, पेड़ों के अवैध कटान, कृषि उपकरण अपात्रों को अनुदान पर देने,विधायक निधि के प्रस्ताव डीआरडीए में चार से छह माह तक लटकाने आदि मामले उठाए।

सप्ताह भर में फंड रिलीज करें
प्रभारी मंत्री ने कहा कि विधायक निधि में जिन विधायकों के डीआरडीए को प्रस्ताव मिलें। उनका फंड सप्ताह भर के अंदर रिलीज कर दें। सोलर लाइटें एक महीने के अंदर लग जाएं। अनावश्यक तरीके से विधायकों के काम के प्रस्ताव न रोके जाएं। 

नलकूप की रिकबरी कराइए
भोजीपुरा विधायक बहोरनलाल मौर्य ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र के गांव में सरकारी नलकूप पर कब्जा कर एक व्यक्ति ने बाउंड्रीवाल खड़ी कर दी।  प्रभारी मंत्री ने कहा कि  एक्सईएन जलनिगम बाउंड्रीवाल तोड़कर नलकूप बाहर करें या फिर संबंधित व्यक्ति से रिकबरी की जाए। 

अस्पतालों का हर सप्ताह निरीक्षण करें
प्रभारी मंत्री ने कहा कि जिलाधिकारी और सीडीओ के अलावा विधायक भी जिला अस्पताल के अलावा अपने विधानसभा क्षेत्र के सीएचसी और पीएचसी का हर सप्ताह निरीक्षण करें। 

10 डायलिस मशीन नहीं लगीं
पिछली जिला योजना में जिला अस्पताल में 10 डायलिसस मशीन लगनी थीं। सीएमओ डा. विजय यादव ने बताया किवह नहीं लग पाईं। वेंटीलेटर जो मिला, उसके लिए डॉक्टर को प्रशिक्षित किया जा रहा है। शहर विधायक डा. अरुण कुमार ने मेडिकल कालेज की प्रगति के प्रस्ताव पर चर्चा की तो बताया गया कि इसका प्रस्ताव भेजा जा चुका है। जमीन की तलाश है।

बिजली उपभोक्ताओं से वसूली
विद्युत निगम के एक्सईएन के सामने विधायकों ने कहा कि नए कनेक्शन लेने, पुराने कनेक्शन कटवाने समेत बिल वसूलने में विद्युत कर्मचारी उपभोक्ताओं से वसूली करते हैं।  प्रभारी मंत्री ने कहा कि बिजली कनेक्शन सात दिन में लगाए जाएं। अगर किसी को कनेक्शन कटवाना है तो उसमें किसी तरह की देरी न हो। विधायक डा. श्याम बिहारी ने कहा कि सलेमपुर, विक्रमपुर में बिजली पोल पड़े हैं। दो साल से  विद्युतीकरण लटका है। 
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जिला योजना में स्वीकृत मुख्य प्रस्ताव
विभाग का नाम          प्रस्तावित बजट         पुरानी जिला योजना में खर्च हुए 
कृषि विभाग                24 लाख                  17.15 लाख
गन्ना विभाग             8.8006 करोड़              76.57 लाख
निशुल्क बोरिंग अनुदान     6.9040 करोड़             1.2693 करोड़
पशुपालन                     2.1477 करोड़             49.49 लाख
दुग्ध उत्पादन                  93.39 लाख               40.00 लाख
वन विभाग                    13.416 करोड़            17.945 करोड़
डीआरडीए के काम            4.4738 करोड़            4.4738 करोड़
मनरेगा                          49.50 करोड़              35.50 करोड़
प्रधानमंत्री आवास            42.86 करोड़                18.81 करोड़
ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम    78.33 करोड़                12.05 करोड़
सड़क एवं पुल                37.03 करोड़                 3.18 करोड़
प्राथमिक शिक्षा                17.95 करोड़               17.94 करोड़
माध्यमिक शिक्षा               10.71 करोड़                5.34 करोड़
ग्रामीण पेयजल                 11.31 करोड़               1.25 करोड़
नगरीय पेयजल योजना         3.02 करोड़                 शून्य
समाज कल्याण                67.98 करोड़                50.38 करोड़
                
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