बरेली। सदर तहसील क्षेत्र के घंघोरा पिपरिया गांव में दिव्यांगों के कार्यालय के लिए चिह्नित जमीन पर खोदाई करके मिट्टी उठा ली गई। मामले की शिकायत डीएम से होने के बाद एसडीएम सदर को जांच के आदेश दिए गए हैं।
मंगलवार को इस प्रकरण में दिव्यांग कलक्ट्रेट पहुंचे थे। भारत दिव्यांग सेवा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप कुमार ने बताया कि वर्ष 2014 में नैनीताल हाईवे के चौड़ीकरण के दौरान उनका कार्यालय तोड़कर जमीन अधिगृहीत कर ली गई थी। बदले में घंघोरा पिपरिया गांव में जमीन दी गई।
आरोप है कि लेखपाल ने अधिकारियों को भ्रमित कर यहां से मिट्टी का उठान करा दिया। शिकायतकर्ता बृह्मास्वरूप श्रीवास्तव ने बताया कि कलक्ट्रेट जाकर दस्तावेज दिखाए गए हैं। उनके पास 14 फरवरी 2014 को प्रभारी अधिकारी शिकायत को संबोधित एसडीएम सदर का पत्र भी है।
इसमें उल्लेख है कि ग्राम दोहना पीतमराय और घंघोरा पिपरिया की सीमा पर स्थित शिव मंदिर और दिव्यांग कार्यालय नैनीताल बागेश्वर मार्ग के चौड़ीकरण में सड़क सीमा के अंतर्गत है। इन्हें मार्ग के चौड़ीकरण के लिए ध्वस्त किया गया था। कार्यालय और मंदिर अन्य जगह बनाने के लिए तत्कालीन एसडीएम सदर रजनीश राय ने गांव घंघाेरा पिपरिया में स्थित नवीन परती की गाटा-619 के रकबा 0.293 हेक्टेयर जमीन चिह्नित कर दी थी।
वहीं, लेखपाल सौरभ चौहान का कहना है कि नवीन परती की जमीन पर ग्राम पंचायत अन्नपूर्णा भवन बना रही है। वहां नींव खोदी गई है। मिट्टी खनन के आरोप गलत हैं। मामले में एसडीएम सदर प्रमोद कुमार ने शिकायतकर्ता और लेखपाल दोनों को तलब किया है। उन्होंने कहा कि प्रकरण की जांच के बाद ही आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। संवाद