आईएमए ने पिछले साल जब ब्लड कलेक्शन बस खरीदी थी तो उसने अगले ही दिन से काम शुरू कर दिया था। मोहल्लों, मेलों या समारोह में जब लाल रंग की यह बस जाकर खड़ी होती थी तो ब्लड डोनेट करने वाले भी इकट्ठे होने लगते थे। स्थिति यह है कि आईएमए का ब्लड बैंक हर महीने अपनी ब्लड कलेक्शन बस के जरिये 200 से 500 यूनिट तक रक्त इकट्ठा कर लेता है। डेढ़ महीने पहले लखनऊ से ऐसी ही ब्लड कलेक्शन बस जिला अस्पताल भेजी गई जो आज तक वहीं खड़ी है जहां लाकर खड़ी की गई थी। ब्लड कलेक्शन के लिए इस बस पर तैनात करने के लिए 20 से ज्यादा स्टाफ की भी संविदा पर नियुक्ति कर ली गई है, लेकिन ये लोग भी अब तक खाली बैठे हुए हैं। दूसरी ओर जिला अस्पताल के 24 घंटे चलने वाले ब्लड बैंक में लगातार रक्त की कमी बनी हुई है। मरीजों के तीमारदार रक्त की जरूरत पूरी करने के लिए इधर-उधर भटकते रहते हैं।
बस में भी कुछ कमियां, ड्राइवर भी तैनात नहीं
जिला अस्पताल की ब्लड कलेक्शन बस चलाने के लिए ड्राइवर की तैनाती सीएमओ को करनी है जो अभी तक लटकी हुई है। बताया जा रहा है कि कुछ और कर्मचारी भी तैनात किए जाने हैं लेकिन इन्हें कौन तैनात करेगा, यह अधिकारियों को भी पता नहीं है। हालांकि बस चलाने के लिए फ्यूल का बजट आ गया है। बस का एसी नहीं चल रहा है, जिसके लिए लखनऊ बात की गई है। बस को बरेली के अलावा शाहजहांपुर, बदायूं और पीलीभीत में भी ब्लड कलेक्शन के लिए भेजा जाना है लेकिन अभी तक न कोई तैयारी है न कोई रोडमैप।
आईएमए की बस हर माह जुटाती है 250 यूनिट ब्लड
आईएमए ब्लड बैंक की निदेशक डॉ. अंजू उप्पल का कहना है कि बस में चार कर्मचारियों के अलावा चालक व हेल्पर भी ब्लड कलेक्शन में मदद करते हैं। उनकी बस बाजार, मेला, समारोह, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में जाती ही है, इसके अलावा विशेष आमंत्रण पर कहीं भी पहुंच जाती है। कभी-कभी चार से पांच यूनिट ही रक्त जमा होता है, लेकिन महीने का औसत 250 यूनिट से ज्यादा ही हो जाता है। डॉ. उप्पल कहती हैं कि गर्मी में कलेक्शन कुछ कम होता है।
कोट
बस को चलाने के लिए रूट चार्ट बनाया जाना है, क्योंकि यह पूरे मंडल में चलाई जाएगी। सीएमओ ड्राइवर व कर्मचारियाें की नियुक्ति करेंगे। ईधन का बजट आ गया है। एडी हेल्थ के रूट चार्ट बनाने के बाद ही इसे शुरू किया जाएगा।
डॉ. केएस गुप्ता, प्रमुख अधीक्षक, जिला अस्पताल
मुझे बस के संबंध में अभी ज्यादा जानकारी नहीं है, क्योंकि यह बस मेरे समय में नहीं आई है। हालांकि जो भी गाइड लाइन होगी उसी के अनुसार इसे चलाया जाएगा।
डॉ. विनीत शुक्ला, सीएमओ
बस को बरेली मंडल में चलाया जाएगा। चालक सीएमओ की ओर से तैनात किया जाना है। सभी जिले अपने- अपने कार्यक्रम बनाकर देंगे तो बस को उनके जिलाें में बरेली की टीम के साथ भेजा जाएगा।
डॉ. प्रमिला गौड़, एडी हेल्थ