चौगुनी दिखाई मिल की क्षमता
धान से चावल निकासी की जिम्मेदारी बदायूं जिले के म्याऊ क्षेत्र के गांव असधरमई स्थित बाबा निहाल दास राइस मिल को दी गई थी। सूत्र बताते हैं कि मिल की क्षमता प्रतिदिन दो टन धान से चावल निकासी की है, लेकिन आरएफसी के स्थानीय अफसरों की कृपा से इसकी क्षमता लगभग चौगुनी दिखाई गई है। सूत्र बताते हैं कि मिल प्रबंधन की मदद करने के लिए बैंक समेत कई जगह दस्तावेजों में भी हेरफेर की गई है।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पर जिला प्रबंधक की जिम्मेदारी
बरेली मंडल धान खरीद के मामले में प्रदेश में अग्रणी रहता है। इसमें भी बदायूं ए श्रेणी का जिला है। इसके बावजूद यहां आला दर्जे की अनियमितता बरती जा रही है। सहकारी क्षेत्र की संस्था यूपीएसएस में जिला प्रबंधक का पद बरसों से खाली है। इसकी जिम्मेदारी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी स्टोर कीपर के हवाले है। जाहिर है कि निगरानी के लिए सक्षम अधिकारी न होने से भी घोटाले पनप रहे हैं।
यूपीएसएस लखनऊ के एमडी एनके सिंह ने बताया कि बदायूं में राइस मिल के स्तर पर गड़बड़ी का मामला सामने आया है। काफी प्रयास के बाद भी मिल ने चावल गोदाम तक नहीं पहुंचाया है। इसके लिए आरसी जारी की गई है। एफआईआर कराने का निर्णय स्थानीय अधिकारी ही ले सकते हैं। मामले में दोषियों पर कार्रवाई जरूर होगी।
पीसीयू के अपर जिला सहकारी अधिकारी रामसरन वर्मा ने कहा कि हमारा 1662 क्विंटल चावल मिल ने गोदाम नहीं पहुंचाया है। इसके लिए दो बार तारीख आगे बढ़ाकर मिल को मौका दिया जा चुका है। अब धनराशि जमा कराना ही विकल्प है। आरसी कटने पर भी धन नहीं चुकाया तो मिल प्रबंधन को आगे की कार्रवाई झेलनी पड़ेगी।