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सेना में भर्ती हुए 72 युवाओं के सर्टिफिकेट भी संदिग्ध

Thu, 02 Jul 2015 02:19 AM IST
बरेली
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 दो महीने पहले बरेली में हुई सेना भर्ती में चयनित 72 युवक यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल के लिए बदनाम पूर्वांचल के कुछ जिलों के विद्यालयों से हाईस्कूल और इंटर पास करने की वजह से सैन्य अफसरों की नजरों में चढ़ गए हैं। रहने वाले यह बरेली मंडल के हैं लेकिन गाजीपुर, बलिया, अलीगढ़, बस्ती जैसे जिलों से बोर्ड परीक्षा देकर पढ़ाई करना अफसरों के गले नहीं उतर रहा है, इसलिए इनके सर्टिफिकेट संदिग्ध मानकर उनका सत्यापन कराया जा रहा है।
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सेना अपने स्टाफ को इनके विद्यालयों में भेजकर सर्टिफिकेट का सत्यापन कराएगी और यह जानने की कोशिश की जाएगी कि वास्तव में यह उन विद्यालयों में पढ़े भी या नहीं। इसके लिए विद्यालयों का रिकार्ड भी देखा जाएगा। अगर इन्होंने प्राइवेट तौर पर परीक्षा दी है तो विद्यालय के रिकार्ड से यह भी देखा जाएगा कि फोटो इन्हीं का लगा है या नहीं। सेना मानकर चल रही है कि संभव है कि परीक्षा किसी और ने दी हो। अगर ऐसा पाया जाता है तो इन अभ्यर्थियों को सेना भर्ती से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। सेना भर्ती के निदेशक कर्नल राजीव दीक्षित का कहना है कि यह बात गले नहीं उतरती कि बरेली, शाहजहांपुर, बदायूं और पीलीभीत में रहने वाले युवक अपने जिलों में तमाम विद्यालय होने के बावजूद दूसरे जिलों में जाकर पढ़ाई क्यों करेंगे। अगर यह सामान्य है तो ऐसे युवाओं की ओर से दिए गए तर्कों की सच्चाई की पड़ताल भी की जाएगी। असल में, ऐसे अधिकांश परीक्षार्थियों ने सेना के समक्ष दिए अपने पक्ष में कहा है कि उन जिलों में उनके फलां रिश्तेदार रहते हैं इसलिए उनके यहां रहकर उन्होंने पढ़ाई की। सेना उनके रिश्तेदारों के बताए गए पतों पर भी अपने स्टाफ को भेजेगी। भर्ती निदेशक कर्नल दीक्षित ने बताया कि सभी पहलुओं पर संतुष्ट हुए बिना इन युवाओं को ट्रेनिंग के लिए नहीं भेजेंगे, क्योंकि सेना में कर्त्तव्यनिष्ठ, ईमानदारी कर्मठ और योग्य जवानों की जरूरत होती है। हालांकि इनके प्रमाणपत्रों का सत्यापन यूपी बोर्ड से भी कराया जा रहा है।
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