गंगापुर में शराब की दुकान हटाने को लेकर दिए गए अल्टीमेटम का समय पूरा होने पर महिलाओं ने फिर हंगामा खड़ा क र दिया। वह प्रदर्शन करते हुए बारादारी थाने पहुंच गईं। वहां पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इंस्पेक्टर मुहम्मद कासिम के शराब की भट्टी नहीं हटने के ऐलान पर महिलाएं उग्र हो गईं। सीओ तृतीय असित श्रीवास्तव ने मौके पर पहुंचकर अगले साल दुकान के लाइसेंस का नवीनीकरण न होने देने का आश्वासन देकर उन्हें शांत किया।
गंगापुर में रिहाइशी इलाके में चल रही शराब की दुकान हटाने के लिए लोग 45 दिन से आंदोलन कर रहे थे। उन्हाेंने 30 जून तक दुकान हटाने के लिए प्रशासन को समय दिया था, लेकिन दुकान नहीं हटी। इससे नाराज लोगाें ने महिलाआें के साथ मिलकर सड़क पर हंगामा शुरू कर दिया। दुकान हटवाने के लिए महिलाएं बारादारी थाने भी पहुंच गई। महिलाओं ने बताया कि यहां 15 साल के बच्चों ने भी शराब पीनी शुरू कर दी है। गंगापुर इलाके में सिर्फ मजदूर वर्ग के लोग रहते हैं जो शराब पीकर लड़ाई और सड़कों पर हंगामा करते हैं। मजदूर मंडल के साथ खेत मजदूर यूनियन, जनवादी महिला समिति, घरेलू कामकाजी महिला समिति के लक्ष्मण सिंह राना, राजीव शांत, भगवान स्वरूप, राजकुमार, वेदप्रकाश व अन्य ने भी समर्थन दिया।
दुकान के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं होगा
शराब की दुकान पिछले कई सालों से गंगापुर में चल रही है। इसे हटा पाने में प्रशासन असमर्थ है। बुधवार को हंगामा बढ़ा तो सीओ प्रथम मुकुल द्विवेदी, आबकारी विभाग के अधिकारी, सिटी मजिस्ट्रेट, पुलिस और शराब दुकान के मालिक ने आंदोलनकारियों व स्थानीय लोगाें के साथ बातचीत में निर्णय लिया गया कि दुकान के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं होगा। साथ ही शराब के अंदर चल रही कैंटीन बंद की जाएगी। स्थानीय लोगाें खासतौर पर महिलाआें को बताया कि सुबह और शाम को कुछ घंटों के लिए ही दुकान खुलेगी।