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बगैर स्क्रीनिंग जिले की सीमा के अंदर न आएं प्रवासी श्रमिक

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वीडियो कांफ्रेंसिग करते प्रभारी मंत्री। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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प्रभारी मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस कर अफसरों को दिए निर्देश
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कहा- प्रवासी श्रमिकों के स्वास्थ्य की कड़ी निगरानी हो

बरेली। प्रवासी मजदूरों की घर वापसी के साथ गांवों में बड़े पैमाने पर कोरोना संक्रमण फैलने से सरकार चिंतित है। बुधवार को प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंस कर अफसरों को घर लौट रहे श्रमिकों के स्वास्थ्य की खासतौर पर निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिले की सीमाओं पर भी निगरानी के कड़े इंतजाम किए जाएं और कोई भी शख्स स्क्रीनिंग कराए बगैर अंदर दाखिल न हो। प्रभारी मंत्री ने अफसरों को बार-बार आगाह किया कि शासन के निर्देशों का पालन करने में कहीं कोई कोताही न हो।
प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वापस लौट रहे प्रवासी श्रमिकों की निगरानी के लिए जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त टीमें बना ली जाएं। कोई प्रवासी पैदल न चले। परिवहन निगम की बसों से उन्हें उनके गंतव्य तक पहुंचाया जाए। गांवों में कोरोना का प्रसार रोकने के लिए ग्राम प्रधानों और आम लोगों का सहयोग लिया जाए। जो श्रमिक घर या किसी सेंटर पर क्वारंटीन है, वे भी निगरानी से न छूटे। उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार को वह क्वारटीन किए गए लोगों और कोविड वार्ड के मरीजों से भी बात करेंगे।
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प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिया कि अफसर नियमित तौर पर कोविड वार्ड, टेस्टिंग लैब, फील्ड सर्वे, क्वारन्टीन सेंटर और कम्युनिटी किचन की निगरानी करें। सुरक्षा मानकों से कोई समझौता न हो। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का साफ निर्देश है कि कोई भी भूखा न सोए। अगर किसी पर राशन कार्ड नहीं है तो भी उसे राशन जरूर मिले। प्रशासन लोगों के राशनकार्ड बनवाने में भी मदद करे। कम्युनिटी किचन और कोविड वार्ड दोनों जगह खाने की गुणवत्ता पर निगरानी रखी जाए।

युद्ध स्तर पर हो श्रमिकों के लिए रोजगार का इंतजाम

प्रभारी मंत्री ने कहा कि अब तक 62 हजार प्रवासी श्रमिकों को मनरेगा और 20 हजार को औद्योगिक इकाइयों में रोजगार दिया जा चुका है। जो प्रवासी श्रमिक लौट रहे हैं, उन सभी के लिए प्रशासन रोजगार का इंतजाम करे। मनरेगा के जरिये अधिक से अधिक रोजगार दिलाया जाए। बंद औद्योगिक इकाइयों को शुरू कराकर वहां भी प्रवासी श्रमिकों को उनकी योग्यतानुसार काम दिलाया जाए।
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