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अलवर से पीलीभीत साइकिल से पहुंचे प्रवासी मजदूर

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साइकिल से अलवर से आए मजदूर पीलीभीत जाते हुए। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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पीलीभीत सीमा पर पहुंचकर बोले- अब कभी नहीं जाएंगे बाहर मजदूरी करने

नवाबगंज। होली के बाद अलवर में फसल की कटाई करने गए एक दर्जन से अधिक मजदूर सोमवार को परिवार सहित साइकिल से पीलीभीत सीमा पर पहुंचे। जिन्हें सीमा पर तैनात पुलिस ने पीलीभीत को रवाना कर दिया। अपने जनपद की सीमा पर पहुंचने मजदूर बोले कि अब कभी बाहर मजदूरी करने नहीं जाएंगे।
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पीलीभीत की तहसील पूरनपुर के थाना हजारा क्षेत्र के निवासी सुखविंदर सिंह, मलकीत सिंह, सिदर सिंह, जीवन सिंह, चिरनजीत सिंह और गुरुदेव सिंह परिवार के साथ राजस्थान के अलवर सरसों और गेहूं की फसल की कटाई करने गए थे। लॉकडाउन के बाद वहीं फंस गए। सुखविंदर ने बताया कि मालिक ने काम करने से मना कर दिया था। उनके पास जो पैसे थे वे धीरे-धीरे खत्म हो गए। घर जाने के रास्ते सीज हो चुके थे। कोई वाहन भी नहीं चल रहा था। ऐसे में बचे रुपयों से उन्होंने साइकिल खरीदी, जिससे परिवार को लेकर पीलीभीत के लिए चल दिए। चार रात और पांच दिन चलने के बाद पीलीभीत की सीमा पर पहुंचे हैं। रास्ते में पुलिस ने खाने पीने का इंतजाम कर दिया। कहा कि अब कभी बाहर मजदूरी करने जाने की सोचेंगे तक नहीं।

बम्बई से आये दिल्ली बताया

रामनगर/आंवला। रामनगर ब्लॉक के गांव सहबाजपुर निवासी दो युवक मुंबई के हॉटस्पॉट इलाके से निकल कर आए थे, इसकी जानकारी ग्रामीणों को मिली तो उन्होंने प्रशासन को बताया, लेकिन दोनों ग्रामीणों ने डॉक्टर को बताया वह दिल्ली से आए हैं। उनके थोड़ी देर बाद फिर से दो लोगों की सूचना स्वास्थ्य विभाग के पास पहुंची। चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार गांव पहुंचे तो जानकारी मिली कि जो लोग दिल्ली से आने की बात कह रहे थे वे असल में मुंबई से आए हैं। इसके बाद स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद दोनों को होम क्वारंटीन कर दिया गया। वहीं रविवार रात हरियाणा से आए 132 मजदूरों को जैन धर्मशाला में क्वारंटीन किया गया है।
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