घूमने-घामने और मनोरंजन के लिए शहर में अभी तो गिनी-चुनी ही जगह हैं, लेकिन जल्द ही शहरवासियों को कुछ नई सौगात हासिल होने वाली हैं। मेट्रो सिटी की तर्ज पर केंद्र सरकार की अमृत योजना के तहत कुछ ऐसे काम पाइप लाइन में हैं, जिनके पूरा होने के बाद शहर की तस्वीर काफी हद तक बदली नजर आएगी। करीब चार करोड़ की लागत से ये काम शहर के सीआई पार्क, गांधी उद्यान और सिविल लाइंस स्थित अक्षर विहार में होने हैं। सीनियर आर्किटेक्ट ने इन तीनों जगहों को शहरवासियों के लिए विकसित करने का खाका खींचा है। तैयार डिजाइन के मुताबिक गांधी उद्यान में कुछ काम हो भी चुका है। जल तरंग बनकर तैयार हो गई है, इसके बाद पाथ वे, ओपन जिम और फूड कोर्ट बनना है। इसी तरह की सुविधाएं सीआई पार्क और अक्षर विहार में भी विकसित की जानी हैं। हालांकि सियासी पेच की वजह से इन कामों के लिए धनराशि मिलने में कुछ हीलाहवाली हो रही है, जिस वजह से इन प्रस्तावों पर क्रियान्वयन की रफ्तार कुछ धीमी ही है।
नक्शा बदल जाएगा सीआई पार्क का
सीआई पार्क में कई ऐसी सुविधाएं विकसित होनी हैं, जिनके बाद बदहाल पड़े इस पार्क का नक्शा ही बदल जाएगा। प्रस्ताव के मुताबिक यहां खूबसूरत फूड कोर्ट बनेगा। इसके अलावा पीने के पानी, शौचालय, व्हील चेयर निकालने का ट्रैक, संकेत चिन्ह, टेक्सटाइल टाइल्स और दिव्यांगों के लिए रैंप बनाया जाएगा। बसों-कारों के लिए पार्किं ग भी बनाई जाएगी। पार्क में बिजली और पानी की सप्लाई के लिए सोलर पैनल लगाए जाएंगे। बरसात से जल संरक्षण की व्यवस्था के साथ जल निकासी का भी इंतजाम होगा। वाटर पंप और उनके स्रोत बनेंगे। शौचालयों के लिए भी ट्रीटमेंट प्लांट बनेगा। बच्चों के लिए पार्क में साइकिलें और झूले होंगे, सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए अम्फी थिएटर बनेगा। पर्यावरण और मनोरंजन के विषयों की शिक्षा देने का भी इंतजाम होगा। पार्क में युवाओं के लिए आउटडोर जिम, साइकिलिंग, बैडमिंटन, बॉलीवाल और बास्केटबाल के कोर्ट, पुस्तकालय, कला कें द्र और मूर्ति कला कोर्ट बनाया जाएगा। वरिष्ठ नागरिकों के लिए टहलने की सुविधा के साथ बैठने की लिए अच्छी सीटें होंगी। योग और ध्यान केंद्र बनेगा, पौधशाला के साथ पक्षियों के बसेरे का भी निर्माण होगा।
एक करोड़ से विकसित होगा अक्षर विहार
11,487 वर्ग मीटर क्षेत्रफल के अक्षर विहार को मेट्रो सिटी की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। इसके सुंदरीकरण पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च होने हैं। सबसे पहले तो स्वच्छ पानी के लिए ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाएगा। इसके अलावा तालाब में बच्चों के मनोरंजन के लिए नैनीताल की तरह नौकायन की सुविधा विकसित की जाएगी। एक खूबसूरत सड़क भी बनाई जाएगी। तालाब के आसपास हराभरा वातावरण होगा। तालाब परिसर में ही एक किनारे फूड कोर्ट बनाया जाएगा। बता दें कि 1998 में एक बच्चे की डूबकर मौत हो जाने के बाद अक्षर विहार में एंट्री बंद कर दी गई थी।
सीआई पार्क, गांधी उद्यान और अक्षर विहार तालाब का लैंड स्केपिंग डिजाइन बच्चे, युवा, बुजुर्गों और दिव्यांगों सभी के लिए किया गया है। यह तीनों ही स्थान पब्लिक के स्वास्थ्य के लिए भी अच्छे साबित होंगे। इससे शहर के लोगों का लाइफ स्टाइल बदलेगा। शहर की खूबसूरती में ही यह तीनों की स्थान अहम रोल अदा करेंगे। -अनुपम सक्सेना, सीनियर आर्किटेक्ट