स्मार्ट सिटी के तैयार अंतिम प्रपोजल को लखनऊ विश्वविद्यालय स्थित रीजनल सेंटर फॉर अर्बन एंड एनवायरमेंट स्टडीज (आरसीयूईएस) ने ‘ओके’ कर दिया है। इसमें अब न तो कोई बदलाव किया जाएगा और न ही कुछ जोड़ा जाएगा। उन्हाेंने बरेली के मशहूर उद्योगाें को ही प्रपोजल में प्रमुखता देने को कहा है। अब 24 नवंबर को दिल्ली स्थित शहरी विकास मंत्रालय में यह प्रपोजल पेश किया जाएगा।
काफी माथापच्ची और बदलावों के बाद अंतिम प्रस्ताव को लेकर कंसलटेंट एजेंसी दारा शॉ के प्रतिनिधि विवेक और मुख्य अभियंता एस. अंबेडकर लखनऊ विश्वविद्यालय के आरसीयूईएस में पहुंचे थे। यहां रिटायर्ड ऑफिसर केशव वर्मा ने पूरे प्रपोजल को विस्तार से पढ़ा और उसे ठीक बताया। मुख्य अभियंता ने बताया कि अधिकारियों ने प्रपोजल में कोई कमी नहीं बताई है। उन्होंने जरी को प्रमुखता से लेने अन्य उद्योगों को ही प्लान में शामिल करने को कहा है। अब 24 नवंबर को दिल्ली से प्रपोजल को हरी झंडी मिलने के बाद इसे जमा किया जाएगा।