सुरक्षा इंतजामों की कमी
मेले में भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिसकर्मी तैनात किए जाते हैं। हालांकि, हाईटेंशन लाइन से जुड़े सबसे बड़े खतरे के लिए कोई योजना नहीं है। न तो बैरिकेडिंग की गई है, न कोई घोषणा और न ही लाइन के नीचे प्रवेश पर प्रतिबंध है। अस्थायी दुकानों पर अग्निशमन के भी पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।
दुकानदारों से होती है वसूली
बताया जाता है कि मेले में सैकड़ों दुकानों से स्थानीय स्तर पर बनी एक समिति लाखों रुपये की पल्लेदारी वसूलती है। इस वसूली गई धनराशि का कोई भी हिस्सा सरकार के खाते में जमा नहीं होता है। दुकानें लगने वाली अधिकांश जगहें पीडब्ल्यूडी, नगर पंचायत और गांधी इंटर कॉलेज के स्वामित्व में हैं। इसके बावजूद, सरकारी विभागों को इस आय का कोई लाभ नहीं मिलता।