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सावन बाद चलेगा अतिक्रमण हटाओ अभियान, साथ आएंगे मेयर-नगर आयुक्त

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बरेली। मेयर उमेश गौतम और नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन के बीच चार महीने तक जंग का मैदान बने रहे नगर निगम में बृहस्पतिवार को हुई कार्यकारिणी की बैठक में अतिक्रमण विरोधी अभियान पर अहम फैसला लिया गया। तय हुआ कि सावन के बाद एक बार फिर मेयर के दिशा-निर्देशों पर यह अभियान शुरू किया जाएगा। नगर आयुक्त इस अभियान की रूपरेखा निर्धारित करेंगे। करीब पांच घंटे चली बैठक में निगम की ओर से 13 प्रस्ताव रखे गए। पार्षदों की ओर से भी 77 प्रस्ताव रखे गए। कई पार्षदों ने भी अतिक्रमण हटाने के प्रस्ताव बैठक में दिए।
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नगर निगम में कार्यकारिणी की बैठक बृहस्पतिवार सुबह 11.30 बजे शुरू हुई। इसमें नगर निगम की ओर से कुतुबखाना, सीबीगंज, एलन क्लब और श्यामगंज सब्जी मंडी के ठेके होने के बाद मंजूरी के लिए कार्यकारिणी के समक्ष रखे गए। इसमें से सीबीगंज मंडी का ज्यादा राशि का प्रस्ताव मिलने चलते उसे निरस्त कर दिया गया। तालाबों के पट्टे के प्रस्ताव बकाया राशि जमा करने के बाद मंजूर करने के लिए पास किए गए। पार्षद रूपकिशोर ने गंगापुर में नाले पर अतिक्रमण और बाग अहमद अली में अतिक्रमण हटाने का प्रस्ताव रखा। कुछ अन्य पार्षदों ने भी अवैध कब्जे के प्रस्ताव रखे। इस पर सहमति बनी कि सावन के बाद मेयर और नगर आयुक्त मिलकर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाएंगे।

एसएसपी की मदद से हटवाएंगे बृहस्पति बाजार
पार्षद रईस मियां अब्बासी ने बृहस्पति बाजार हटवाने का प्रस्ताव रखा। इस पर एसएसपी की मदद से हटवाने की सहमति बनी। मोती पार्क साइकिल स्टैंड का ठेका अगस्त बाद करने की सहमति बनी। गांधीनगर में निगम की भूमि पर कब्जे के पार्षद पूनम गंगवार के प्रस्ताव पर उसे खाली कराकर बोर्ड लगाने की सहमति बनी।
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सड़क और नालों के प्रस्ताव की लगी लाइन
लंबे समय बाद बैठक होने के चलते उपसभापति अतुल कपूर, उपनेता छंगामल मौर्य, पार्षद अब्दुल कयूम मुन्ना, रईस मियां अब्बासी, पूनम गंगवार, रूपकिशोर, अनुपम चमन समेत सभी पार्षदों ने तीन दर्जन से ज्यादा प्रस्ताव विकास कार्यों के लगाए हैं। इसमें सड़क, नाले और सीसी टाइल्स के प्रस्ताव शामिल हैं।

यह प्रस्ताव नहीं हुए पास
- तीन माह का आय-व्यय अगली बैठक में रखा जाएगा।
- अनुपम चमन ने कंप्यूटर ऑपरेटर की तनख्वाह बढ़ाने का प्रस्ताव निरस्त।
- सीबीगंज बाजार के ठेके का प्रस्ताव निरस्त।

सेंट्रल जेल के पास मिनी बाईपास पर बनेगा एक और बसअड्डा
बरेली। शहर में एक और बस अड्डा बनाने का रास्ता साफ हो गया है। नगर निगम कार्यकारिणी ने सेंट्रल जेल के पास मिनी बाईपास पर 0.949 हेक्टेयर जमीन के लिए मंजूरी दे दी है। अब यह प्रस्ताव मंजूरी के लिए बोर्ड बैठक में रखा जाएगा।
शहर के बीच स्थित बसअड्डे पर यात्रियों का भार काफी बढ़ गया है। सेटेलाइट पर दूसरा बसअड्डा बना लेकिन इससे भी कोई खास राहत नहीं मिली। इसको देखते हुए रोडवेज ने मिनी बाईपास पर सेंट्रल जेल के पास एक अन्य बसअड्डा बनाने का प्रस्ताव तैयार कर जिला प्रशासन को भेजकर जमीन मांगी थी। डीएम ने जमीन की तलाश कराने के बाद नगर निगम को प्रस्ताव भेजा था। बृहस्पतिवार को इसे कार्यकारिणी में प्रस्तुत किया गया। इस पर मिनी बाईपास पर सेंट्रल जेल के पास उदयपुर खास ग्राम में 0.949 हेक्टेयर जमीन देने के लिए मंजूरी दे दी गई। अब यह प्रस्ताव बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। बताया जाता है कि इस बसअड्डे से उत्तराखंड के विभिन्न शहरों के लिए बस सेवा के साथ ही कुछ बसें दिल्ली के लिए भी संचालित की जाएंगी।

खड़ौआ में पीएचसी के लिए भी मिली जमीन
सीबीगंज के गांव हैदराबाद उर्फ खड़ौआ में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने के लिए भी डीएम ने नगर निगम से जमीन मांगी थी। यहां पर जमीन मिलने की प्रत्याशा में काम भी शुरू करा दिया गया है। कार्यकारिणी बैठक में इसके लिए भी जमीन उपलब्ध करा दी गई है।

‘कमाई’ के प्रस्तावों पर अधिकारी और पार्षदों में तकरार
बरेली। नगर निगम में ‘कमाई’ के कुछ प्रस्तावों पर अधिकारियों और पार्षदों में जमकर बहस हुई। अधिकारी इसमें कार्यकारिणी के दखल पर असहमत थे और कार्यकारिणी चाहती थी कि उनकी कमेटी की निगरानी में इन प्रस्तावों पर काम हो।
पार्षद रूपकिशोर ने जिला अस्पताल रोड की दो दुकानों का प्रस्ताव रखा। कहा गया कि पिछली बैठक में इनकी मरम्मत पर चर्चा हुई थी। कार्यकारिणी की सहमति से काम करने की बात हुई लेकिन अधिकारियों ने गुपचुप मरम्मत की अनुमति दे दी। इस पर खासी बहस हुई और अधिकारियों ने पूर्व नगर आयुक्त द्वारा काम कराने की मंजूरी देने की बात कही। बताया जाता है कि इन दुकानों को व्यापारी स्वरूप बदलकर शोरूम बनाना चाहते हैं, इसके लिए निगम की मंजूरी जरूरी है। इसके चलते ही इसमें पार्षद और अधिकारी सभी की रुचि है। इसके अलावा निगम की दुकानों के म्यूटेशन के मुद्दे पर भी जमकर बहस हुई। बताया जाता है कि दुकानों के मालिक उन्हें बेच चुके हैं, मगर म्यूटेशन न होने के चलते नए मालिक के नाम पर दुकान ट्रांसफर नहीं हुई है। इसमें कई दुकानदार तो अपना नाम दर्ज कराने के लिए हर तरह से तैयार घूम रहे हैं। निगम के अधिकारी हों या पार्षद, सभी चाहते हैं कि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाए। मगर एक दूसरे का दखल नहीं चाहते, जिसको लेकर इस प्रस्ताव पर खासी बहस हुई। पार्षद बोले- इसके लिए उनकी कमेटी बना दी जाए, मगर अधिकारी इसके विरोध में थे। बाद में तय हुआ कि पार्षदों की उपस्थिति में कैंप लगाकर म्यूटेशन किया जाएगा।

हाय ये जलभराव.. हजियापुर और संजयनगर की सड़कों पर चलेगी निगम की नाव
बरेली। पिछले दिनों बारिश में हजियापुर और संजयनगर में भीषण जलभराव हुआ था। मुख्य सड़क पर ही चार फुट से ज्यादा पानी भरा था। इसके चलते लोग घरों से निकलने को परेशान हुए तो कार्यकारिणी बैठक में पार्षद रईस मियां अब्बासी ने वहां के लिए चार नाव की व्यवस्था करने का प्रस्ताव पेश किया। इस पर जरूरत के मुताबिक नाव किराए पर लेने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
पार्षद ने अपने प्रस्ताव में कहा कि सड़क पर चार-चार फुट तक पानी भरा रहने से लोग घरों से नहीं निकल पाते। एक दिन बारिश होने के बाद यह स्थिति चार दिन तक बनी रहती है। लोग रोजमर्रा के कामों को परेशान होते हैं और बच्चे तक स्कूल नहीं जा पाते। इसके चलते हजियापुर और संजयनगर के लिए चार नावों की व्यवस्था कराई जाए। बता दें कि हजियापुर और संजयनगर के तमाम इलाकों में बरसात के दौरान कई फुट तक पानी भरा रहता है। पिछले साल जलभराव को लेकर खासा हंगामा भी हुआ। इस स्थिति को देखते हुए पार्षद रईस मियां अब्बासी का प्रस्ताव तो पास हो गया है लेकिन इसको लेकर नगर निगम में खूब चर्चा भी है कि अब शहर में भी सड़कों पर नाव चलेंगी।

कुटेशन पर कराए काम मौके पर नहीं, होगी जांच
पार्षद अनुपम चमन ने प्रस्ताव लगाया कि उनके वार्ड छोटी विहार में कुटेशन पर कई लाख के काम कराए गए हैं। मगर यह काम सिर्फ कागजों में ही हुए हैं, मौके पर कोई काम नजर नहीं आ रहा है। इस पर मामले की जांच के लिए अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई।
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