बरेली। सवा महीने से नारी निकेतन की चहारदीवारी में कैद अलीगढ़ की लड़की मेडिकल रिपोर्ट में बालिग निकली। आईजी ने इसे गंभीरता से लेते हुए इंस्पेक्टर देवेश सिंह से पूछा कि जब लड़की ने मानव तस्करों के चंगुल से छूटने की बात बताई थी तो एफआईआर लिखवाकर मेडिकल क्यों नहीं कराया गया। इंस्पेक्टर ने एएचटीयू पर पल्ला झाड़कर खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन आईजी इससे संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने इंस्पेक्टर को दो दिन में पूरे मामले की रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।
आईजी के आदेश पर इंस्पेक्टर लड़की से मिलने नारी निकेतन पहुंचे। इंस्पेक्टर ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक लड़की की उम्र करीब बीस साल है। वह अपनी इच्छा से कहीं भी रह सकती है। वह फिलहाल नारी निकेतन से कहीं जाने को तैयार नहीं है। मामा-मामी के मारपीट करने से तंग आकर वह घर से भागकर रेलवे स्टेशन आ गई थी। उसके साथ कोई अपराध नहीं हुआ है। शनिवार को वह इस मामले की रिपोर्ट आईजी को भेज देंगे।