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अस्पताल दुष्कर्म प्रकरण: पुलिस ने 4 डॉक्टरों और 6 कर्मचारियों को हिरासत में लेकर 5 घंटे की पूछताछ

Mon, 05 Nov 2018 03:18 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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मेधांश अस्पताल की आईसीयू में भर्ती किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में रविवार को पुलिस ने चार डॉक्टरों और छह कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पांच घंटे तक पूछताछ की। इस बीच किशोरी का मेडिकल करने वाले जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने साफ किया है कि उसके शरीर पर कोई चोट नहीं मिली है। अब दुष्कर्म की पुष्टि के लिए किशोरी का अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कहा गया है। पुलिस इस मामले में अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे खराब होने को गंभीर खामी मानते हुए और सबूत जुटाने की कोशिश कर रही है।

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बदायूं रोड स्थित मेधांश अस्पताल में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के मामले की गुत्थी दोनों पक्षों के बयान लिए जाने के बाद भी सुलझ नहीं पाई है। एसपी सिटी अभिनंदन सिंह के निर्देश पर रविवार को मेधांश अस्पताल के चार डॉक्टर, तीन नर्स और तीन वार्ड ब्वाय को थाना सुभाषनगर लाकर बंद कमरे में पांच घंटे तक पूछताछ की गई। इस दौरान पुलिस ने पीड़िता की मेडिकल हिस्ट्री, वारदात वाली रात पूरे स्टाफ की लोकेशन, स्टाफ की ड्यूटी और व्यवहार के संबंध में तमाम सवाल किए। पुलिस ने पीड़िता के गांव के लोगों को भी थाने बुलाकर पूछताछ की। उधर, किशोरी की हालत स्थिर बताई जा रही है। जल्द उसको डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। 

मेरी बेटी आईसीयू में थी। उसके बेड पर लगे सीसीटीवी कैमरे भी अस्पताल प्रबंधन ने खराब करा दिए। मुझे नीचे की मंजिल पर बैठाया गया। मेरी बेटी के कपड़े हटाए जाने की जानकारी भी मुझे नहीं दी। उसके जनरल वार्ड में आने के बाद हमें दरिंदगी के बारे में पता चला। अस्पताल वाले कुछ भी करा सकते हैं। 
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-किशोरी के पिता   

किशोरी का मेडिकल कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक शरीर पर कहीं चोट के निशान नहीं मिले हैं। अस्पताल प्रबंधन से जुड़े लोगों के बयान लेकर उस रात हुए घटनाक्रम को स्पष्ट करने की कोशिश जारी है। अस्पताल प्रबंधन को सीसी कैमरे दुरुस्त रखने चाहिए थे। 
-सीमा यादव, सीओ द्वितीय 

किशोरी ने घटना के बाद एक आरोपी का होना बताया। कुछ घंटे बाद कंपाउंडर सुनील शर्मा समेत तीन पर आरोप लगाए। एफआईआर दर्ज होने के बाद किशोरी ने पांच लोगों का होना बताया है जबकि किशोरी वेंटिलेटर पर बेहोशी की हालत में थी। हम पुलिस का सहयोग कर रहे हैं। जांच में हकीकत सामने आएगी। 
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- डॉ. हिमांशु, मेधांश अस्पताल

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