बरेली। शहर के एक हजार उपभोक्ताओं ने पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) पर भोजन पकाया पर बिल जमा नहीं किया। इन सभी पर 50 हजार रुपये से ज्यादा का बकाया है। यानी कुल बकाया पांच करोड़ रुपये से अधिक का है। अब उनको डिफाल्टर घोषित कर बकाया भुगतान करने के लिए नोटिस जारी किए हैं।
सेंट्रल यूपी गैस लिमिटेड (सीयूजीएल) के अधिकारियों के मुताबिक, काफी समय से बिल जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं को पहले भी कई बार एसएमएस, कॉल और लिखित नोटिस के माध्यम से बकाया बिल जमा करने के लिए कहा गया था। इसके बावजूद एक हजार उपभोक्ताओं ने भुगतान नहीं किया। अब कंपनी ने ऐसे उपभोक्ताओं को डिफाल्टर की श्रेणी में रखते हुए नोटिस जारी करना शुरू किया है। विधिक कार्रवाई की हिदायत भी दी है।
सीयूजीएल अधिकारी अभिषेक राहिल के मुताबिक, 50 हजार से ज्यादा के बकायेदारों को ही नोटिस दिए गए हैं। इन सभी उपभोक्ताओं के कनेक्शन पूर्व में काटे जा चुके हैं। पश्चिम एशिया में युद्ध की वजह से एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हुई थी। शहर के जिन इलाकों में पीएनजी लाइन बिछी है, वहां एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने की अनिवार्यता के बाद बकायेदार पांच हजार में से करीब डेढ़ हजार उपभोक्ताओं ने भुगतान कर कनेक्शन शुरू करा लिया है। अन्य के खिलाफ अब सख्ती बरती जा रही है।
बिल जमा करने पर दोबारा शुरू होगी गैस की आपूर्ति
जिन उपभोक्ताओं का कनेक्शन बकाया भुगतान के कारण बंद किया जाता है, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत भुगतान कर आपूर्ति दोबारा शुरू करा सकते हैं। कंपनी की ओर से नोटिस जारी कर उपभोक्ताओं को 12 सितंबर को प्रस्तावित लोक अदालत से पहले भुगतान करने के लिए कहा गया है। अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मोबाइल टीमें कर रहीं निरीक्षण
जीएम जितेंद्र गौतम के मुताबिक, बकायेदारों समेत पीएनजी कनेक्शन के दुरुपयोग और अनधिकृत गतिविधियों की निगरानी हो रही है। सीयूजीएल की मोबाइल टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में निरीक्षण कर रही हैं। जहां गैस लाइन या कनेक्शन में छेड़छाड़, बाइपास की शिकायतें मिल रही हैं, टीम वहां पहुंचकर जांच कर रही है।
हाईराइज बिल्डिंग समेत 60 वार्ड को एलपीजी मुक्त करने की कवायद
घर के सामने से पीएनजी लाइन गुजरने के बावजूद एलपीजी सिलिंडर का प्रयोग कर रहे लोगों को सीयूजीएल नोटिस भेजकर पीएनजी कनेक्शन लेने के लिए प्रेरित कर रहा है। इसमें शहर की हाईराइज बिल्डिंग समेत 60 वार्ड शामिल हैं। शासनादेश के तहत इन क्षेत्रों के लोग अगर पीएनजी कनेक्शन नहीं लेंगे तो उनका एलपीजी कनेक्शन ब्लॉक हो जाएगा। सीयूजीएल ने पेट्रोलियम कंपनियों को क्षेत्रवार रिकॉर्ड सौंप दिया है।