मृतक पवन यादव के पिता व अन्य परिजन
- फोटो : अमर उजाला
घाट पर सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
बलिया जिले के पकरी थाना क्षेत्र के गांव दोगरा में रहने वाले पवन यादव का शव निकाले जाने पर परिजनों ने गंगाघाट पर सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। हालांकि पिता जयप्रकाश यादव और भाई तनय प्रकाश तो शव देखते ही बदहवास हो गए। उनके साथ आए रिश्तेदार प्रिंस यादव ने अफसरों से कहा कि चूक तो मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से लेकर गंगाघाट पर व्यवस्था को लेकर भी सामने आ रही है।
पहले तो कॉलेज प्रशासन ही छात्रों को बाहर जाने की इजाजत नहीं देता। वह, स्नान करने के लिए गंगाघाट पर पहुंच भी गए तो गहराई वाले स्थानों पर उन्हें रोकने के लिए कोई इंतजाम नहीं दिखा है। कोई, अगर टोक भी देता किस जहां वे नहाने जा रहे हैं वहां गहराई ज्यादा है तो वे उस तरफ नहीं जाते। साथ ही घाट पर ही सुरक्षा और बचाव के इंतजाम होते तो तीनों की जान भी नहीं जाती।
मृतक जय मौर्य के पिता व अन्य परिजन
- फोटो : अमर उजाला
यहां सब ठीक है.. झूठ बोलकर बीमार पिता दी सांत्वना
जौनपुर के सराय ख्वाजा थाना क्षेत्र के गांव परसनी में रहने वाले जय मौर्य के गंगा में डूबने की खबर मिलने पर जय के चाचा दीपचंद्र मौर्य कछला पहुंचे थे। एसडीआरएफ की टीम जय का शव गंगा से निकाल कर ला रही थी तभी उनके मोबाइल की घंटी बज उठी। कॉल रिसीव की तो दूसरे तरफ जय के पिता महेंद्र कुमार मौर्य बोल रहे थे। जब उन्होंने जय के बारे में पूछा तो दीपचंद्र ने दिलासा देते हुए कहा कि यहां सब ठीक है, आप घर पर ही रहें। जय का इलाज चल रहा है और वह जल्द ठीक हो जाएगा।
दरअसल जय के पिता हृदय रोग से पीड़ित है। दीपचंद्र के साथ जय का बड़ा भाई नवीन भी आया था। भाई का शव देखते ही नवीन बिखलने लगे। उन्होंने कह कि उनके भाई की मौत के लिए कॉलेज प्रशासन भी कम जिम्मेदार नहीं है। कॉलेज वाले उसे बाहर नहीं जाने देते तो आज उनके परिवार को यह मनहूस दिन देखना नहीं पड़ता। नवीन की पिछले दिनों ही जय से फोन पर बात हुई थी। नवीन से जय ने कहा था कि होली पर घर आएगा मगर कुदरत को कुछ और ही मंजूर था।