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खतरा साबित नहीं लेकिन मेयर को मिलेगी जेड प्लस सुरक्षा

Sat, 21 Apr 2018 07:40 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
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Umesh Gautam
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जिले की पुलिस और प्रशासन की ओर से मेयर उमेश गौतम को जेड प्लस सुरक्षा उपलब्ध कराए जाने का रास्ता साफ कर दिया गया है। डीएम और एसएसपी की ओर से शासन को भेजी संयुक्त रिपोर्ट में उमेश गौतम को जेड प्लस सुरक्षा दिए जाने पर सहमति जता दी है। उमेश गौतम ने मेयर बनने के बाद ने जान से मारने की धमकी दिए जाने की दो शिकायतें दर्ज कराकर सुरक्षा की मांग की थी, हालांकि जांच में उन्हें धमकी देने के मामले साबित नहीं हो सके थे। डीएम और एसएसपी की रिपोर्ट के बाद अब मेयर को जेड प्लस सुरक्षा देने पर शासन स्तर पर ही फैसला होना रह गया है।
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मेयर की ओर से पहली शिकायत ईमेल के जरिये जान से मारने की धमकी दिए जाने की दर्ज कराई गई थी। ईमेल में अतिक्रमण हटाओ अभियान पर विरोध जताते हुए धमकी दी गई थी कि अभियान फौरन न रोका गया तो मेयर को परिवार समेत मार दिया जाएगा। इसके बाद उन्हें राहुल सक्सेना नाम के किसी शख्स ने पत्र भेजकर आगाह किया कि उनकी हत्या की सुपारी दी गई है। पत्र में किला के हिस्ट्रीशीटर समेत पांच लोगों के नाम भी दिए गए थे। मेयर की ओर से इन धमकियों के बाद जेड प्लस सुरक्षा की मांग की गई थी। शासन ने इस मामले में डीएम और एसएसपी से संयुक्त रिपोर्ट मांगी थी। डीएम और एसएसपी की ओर से शासन को भेजी गई संयुक्त रिपोर्ट में मेयर को जेड प्लस सुरक्षा दिए जाने पर सहमति जता दी गई है। 


न ईमेल का आईपी एड्रेस ट्रेस हुआ, न खत लिखने वाले का पता लगा
धमकी वाला ईमेल मेयर को आठ जनवरी को प्रोटोन मेल डॉट कॉम से मिला था। इस मेल का आईपी एड्रेस स्विट्जरलैंड का निकला। एसएसपी ने इस मामले की जांच एसपी क्राइम रमेश भारतीय को दी गई थी। एसपी क्राइम ने सीबीआई दिल्ली की इंटरपोल विंग से मदद मांगी। पुलिस की छानबीन इससे आगे नहीं बढ़ सकी। इसी तरह 21 अप्रैल को धमकी वाला पत्र मिलने की जांच एसएसपी ने सीओ सिटी कुलदीप कुमार को सौंपी। खत में जिन पांच लोगों का नाम था, पुलिस ने उन सबको उठाकर पूछताछ की, लेकिन फिर क्लीनचिट देकर पांचों को छोड़ दिया। पुलिस खत लिखने वाले शख्स तक नहीं पहुंच सकी। 
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खतरे की बात साबित नहीं हो सकी 
पुलिस दोनों ही धमकियों के मामलों की जांच में किसी नतीजे तक नहीं पहुंच सकी। सीओ सिटी कुलदीप के मुताबिक 21 अप्रैल को मेयर को जो खत मिला, वह हो सकता है कि किसी ने हिस्ट्रीशीटर समेत पांच लोगों को रंजिशन फंसाने के लिए भेजा हो। क्योंकि खत भेजने वाले राहुल का कोई पता नहीं लग सका। एसपी क्राइम रमेश भारतीय के मुताबिक मेल भेजने वाले ने जानबूझकर स्विट्जरलैंड की आईपी इस्तेमाल की ताकि उसे आसानी से ट्रेस न किया जा सके। हालांकि दोनों मामलों में अभी भी जांच जारी है।

हमसे शासन ने पूरे मामले पर चल रही जांच की वर्तमान स्थिति तलब की थी। जांच की मौजूदा स्थिति शासन को भेजी है। शासन जांच रिपोर्ट के आधार पर मेयर को जेड प्लस सिक्योरिटी दे सकता है। पुलिस-प्रशासन ने इसके लिए संस्तुति कर दी है। - जोगेंद्र कुमार, एसएसपी  
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