बोर्ड पर एक ही विचारधारा के लोगों का कब्जा
मौलाना ने आगे कहा कि जिस दिन से बोर्ड की स्थापना हुई है, उस दिन से लेकर आज तक एक ही विचारधारा (दयोबंदी) के लोगों का बोर्ड पर कब्जा रहा और अध्यक्ष रहे हैं। जबकि बोर्ड के संविधान में यह लिखा हुआ है कि देश के हर विचारधारा के व्यक्तियों को नुमाइंदगी दी जाएगी। मगर आज तक ऐसा हो नहीं सका है।
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उन्होंने कहा कि भारत में मुसलमानों की कुल आबादी में 70 फीसदी सून्नी सूफी बरेलवी मुसलमानों की आबादी है, इसलिए किसी बरेलवी आलीम को बोर्ड का अध्यक्ष बनाया जाए। इसके अलावा बोर्ड को राजनीति से दूर रहना चाहिए और राजनीतिक लोगों को बोर्ड में कोई जगह नहीं देना चाहिए।