'सपा अब मुसलमानों के रहने की जगह नहीं'
शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि लोकसभा चुनाव बहुत जल्द होने वाले हैं। मुसलमानों की एक बड़ी तादाद इस असमंजस में है कि वोट किसको दिया जाए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी में मुसलमानों के रहने की जगह अब नहीं है। जब तक मुलायम सिंह यादव नेतृत्व कर रहे थे उस वक्त तक सपा में मुसलमानों की गुंजाइश थी। वो मुसलमानों के हितैषी थे, मगर जब से अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी की कमान संभाली है उसके बाद मुसलमानों के बड़े चेहरों को हाशिये पर कर दिया गया है।
मौलाना ने कहा कि ऐसी सूरतेहाल में मुसलमान समाजवादी पार्टी को छोड़ दें और अब ये रहने की जगह नहीं है। दूसरे विकल्पों पर विचार करें। मुसलमानों ने पिछले विधानसभा और लोकसभा में समाजवादी पार्टी को पूरी ताकत और मजबूती के साथ वोट देकर अखिलेश यादव की इज्जत बचाई, मगर जब भी मुसलमानों को उनकी जरूरत पड़ी तो वो साथ खड़े नजर नहीं आए। इसलिए अब मुसलमानों को दूसरे विकल्प पर विचार करना होगा और नए सिरे से अपनी लॉबिंग करना होगी। 2024 के लोकसभा चुनाव में ही नई रणनीति के साथ शुरुआत होनी चाहिए।