22 जनवरी को दिया था यह बयान
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने 22 जनवरी को जारी अपने बयान में जेपीसी पर सवाल उठाए थे। कहा था कि जेपीसी अध्यक्ष ने बरेलवी उलमा और बरेलवी संगठनों को नजरअंदाज किया। किसी भी बैठक में नहीं बुलाया। ये निहायत ही दुर्भाग्यपूर्ण रवैया। यह भी कहा था कि संसद में पेश की जाने वाली रिपोर्ट एकतरफा कहलाएगी।