शहाबुद्दीन रजवी ने आगे कहा कि देश और समाज की तरक्की और भलाई के लिए बहुत जरूरी है कि संवाद की शुरुआत की जाए। मैंने हमेशा सरकार और मुसलमानों के दरम्यान संवाद की वकालत की है। उलमा द्वारा जारी मुस्लिम एजेंडे में भी सरकार, नेताओं और मुसलमानो के दरम्यान बातचीत करने का प्रस्ताव रखा है। बस जरूरत इस बात की है कि इन तमाम मुद्दों पर हुकूमत और संघ के जिम्मेदार लोग संवाद का सिलसिला शुरू करें।
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मुसलमानों से अपील की है कि टकराव की पॉलिसी को खत्म करें। भाईचारे के लिए हाथ आगे बढ़ाए। इससे समाज की तरक्की होगी और देश की तरक्की में भागीदार बनेंगे।