बोले- वक्फ की जमीनों का दुरुपयोग
मौलाना ने कहा कि वक्फ की जमीनें गरीब, कमजोर और यतीम लोगों के लिए थीं। इन जमीनों पर स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और मदरसे बनने चाहिए थे। लेकिन वक्फ बोर्ड के जिम्मेदार लोगों ने इन जमीनों को बेचकर लूट-खसोट की। उन्होंने कहा कि अगर वक्फ से होने वाली आय का सही उपयोग हो तो पूरे भारत के मुसलमानों की गरीबी दूर हो सकती है।
मौलाना ने मुख्यमंत्री से दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की अपील की। प्रेस वार्ता के दौरान हाजी नसीर अहमद नूरी, मुफ्ती फारुख मिस्बाही, हाजी नाजिम बेग, राहत हुसैन मुन्ना, काशिफ खान, डॉ अनवर रज़ा कादरी और हाफिज रजी अहमद भी मौजूद रहे।