भारत आजाद होने से पहले जब गोलमेज कांफ्रेंस लंदन में संपन्न होने वाली थी, तो प्रतिनिधित्व करने के लिए गांधी जी ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर को ही भेजा था। लंदन पहुंचकर उन्होंने 24 घंटा भारत के पक्ष में और अंग्रेजों के खिलाफ जबरदस्त भाषण दिए, जिसकी वजह से उनके दिमाग की नस फट गई और वहीं वह भारत की आजादी पर कुर्बान हो गए। लेकिन विश्वविद्यालय के संस्थापक सपा नेता आजम खान की गलतियों से जौहर विश्वविद्यालय कानून के कटघरे में खड़ा हो गया और रामपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी ने बुलडोजर चलाई जाने की कार्रवाई का नोटिस जारी कर दिया था।
मगर अभी-अभी यह जानकर बेहद खुशी हुई के उत्तर प्रदेश सरकार ने 3000 छात्रों के भविष्य और मुसलमानों की भावनाओं का आदर व सम्मान करते हुए मुरादाबाद कमिश्नर के द्वारा रोक लगा दी गई है। अब जौहर विश्वविद्यालय पर बुलडोजर नहीं चलाया जाएगा। मैं उत्तर प्रदेश सरकार का शुक्रिया अदा करता हूं कि उसने हमारी अपील पर ध्यान दिया और हमारी मांगों को पूरा किया।