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UP: मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बोले- माघ मेले से भाईचारा को बढ़ावा दें साधु-संत, समाज को तोड़ने की न करें बात

Sat, 03 Jan 2026 07:11 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

प्रयागराज के माघ मेले में साधु-संतों द्वारा मुसलमानों की एंट्री पर पाबंदी की बात सामने आने के बाद बरेली के मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। मौलाना ने कहा कि साधु-संत माघ मेले से लोगों के दिलों को जोड़ने की बात करें। समाज को तोड़ने की बात न की जाए।
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मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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प्रयागराज के माघ मेले में साधु-संतों ने मुसलमानों के प्रवेश पर पाबंदी लगाए जाने की मांग उठाई। इस पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने शनिवार को कड़ी प्रतिक्रिया दी। मौलाना ने कहा कि मेलों से इंसानियत का पैगाम जाता है। मानवता को बढ़ावा देते हैं। मगर एक अजीब तमाशा बन गया है। हर त्योहार या मेले के मौके पर साधु-संत ऐसी बात कहते हैं, जिससे देश में नफरत फैलती है। 

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मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि माघ मेले की शुरुआत हो चुकी है। उसमें साधु-संतों ने बैठक कर कहा है कि मेले में मुसलमानों की एंट्री को बैन किया जाएगा। कोई भी मुसलमान इसमें शरीक नहीं होगा। यह सब बातें इंसानियत के खिलाफ हैं। इस तरह की बातें समाज को तोड़ती हैं। मौलाना ने कहा कि साधु-संत महजबी रहनुमा हैं। धर्म गुरु हैं। इनका काम है कि दिलों को जोड़ना। नफरत को खत्म करना। भाईचारा और मोहब्बत को बढ़ावा देना। 

मौलाना बरेलवी ने कहा कि ये लोग इस तरह की भाषा बोलते हैं कि जिससे नफरत बढ़ती है। मौलाना ने आगे कहा कि मैं तमाम साधु-संतों से गुजारिश करूंगा कि लोगों में प्यार-मोहब्बत बांटें। इंसानियत और भाईचारा को बढ़ावा दें। भारत की तहजीब और संस्कृति को बढ़ावा दें। वहां से पूरे भारत के लोगों के दिलों को जोड़ने की बात की जाए। समाज को तोड़ने की बात न की जाए।
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