फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP News: धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर भड़के मौलाना रजवी, कहा- ज्ञानवापी मस्जिद है और कयामत तक रहेगी

Mon, 20 Apr 2026 05:37 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बागेश्वर धाम के कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि ज्ञानवापी मस्जिद है और इसे कलंक कहना सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि मस्जिद के नाम पर कोई समझौता नहीं होगा और उस पर भगवा झंडा नहीं लहराया जा सकता।
विज्ञापन
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी, कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बागेश्वर धाम के कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। मौलाना रजवी ने कहा कि ज्ञानवापी मस्जिद है और इसे कलंक कहना सरासर गलत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मस्जिद के नाम पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता और कयामत तक उस पर भगवा झंडा नहीं लहराया जा सकता।
विज्ञापन
Trending Videos

मौलाना ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री को बहुसंख्यक समुदाय के लोगों को न उकसाएं और न भड़काएं। उन्होंने कहा कि ज्ञानवापी का मामला अदालत में विचाराधीन है, जहां हिंदू और मुस्लिम पक्ष अपनी दलीलें पेश कर रहे हैं। अदालत का जो भी फैसला होगा, वह सभी पक्षों को मान्य होगा। 

यह भी पढ़ें- UP: 120 KM रफ्तार, 15 किमी दायरे में पुलिस पिकेट, किनारे और बीच में पौधे; गंगा एक्सप्रेस-वे से सफर होगा आसान

मौलाना बोले- धीरेंद्र शास्त्री के दावे झूठे 
मौलाना रजवी ने आरोप लगाया कि इस तरह की बयानबाजी मुकदमे को प्रभावित करने के लिए की जा रही है। उन्होंने अदालत से स्वत: संज्ञान लेकर धीरेंद्र शास्त्री को तलब करने की मांग की, ताकि उनसे भड़काऊ बयान देने का कारण पूछा जा सके। मौलाना ने शरीयत का नजरिया स्पष्ट करते हुए कहा कि कोई भी मंदिर तोड़कर मस्जिद नहीं बनाई जा सकती। शरीयत किसी भी मुसलमान को इसकी इजाजत नहीं देती है। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री के दावों को झूठा करार दिया। 
विज्ञापन

अदालत में विचाराधीन मामला
मौलाना रजवी ने जोर देकर कहा कि ज्ञानवापी से जुड़ा मामला अभी अदालत में चल रहा है। रोजाना सुनवाई हो रही है और दोनों पक्ष अपनी दलीलें रख रहे हैं। उन्होंने पंडित धीरेंद्र शास्त्री को चेतावनी दी कि वे बहुसंख्यक समुदाय को भड़काने वाले बयान न दें। अदालत का फैसला ही अंतिम और सर्वमान्य होगा।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें