मौलाना ने मंत्रियों को दी ये नसीहत
मौलाना ने कहा कि पद पर बैठे हुए लोगों को इंसाफ की बात करना चाहिए, मगर ये लोग समाज को तोड़ने और नफ़रत फैलाने वाली बातें कर रहे हैं, जिससे तनाव फैलता है, फिर वो संप्रदायक रूप ले लेता है। इसलिए संवैधानिक पदों पर बैठे हुए मंत्रियों को किसी भी समुदाय को निशाना नहीं बनाना चाहिए। अगर हर व्यक्ति किसी न किसी समुदाय के लोगों को निशाना बनाएगा तो फिर देश में अराजकता फैल जाएगी। इसलिए ऐसे भड़काने और उकसाने वाले बयानों से बचना चाहिए।
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आतंकवाद एक बीमारी है, सबको मिलकर लड़ना होगा
शहाबुद्दीन रजवी ने तीनों मंत्रियों से सवाल करते हुए कहा कि गांधी जी, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी आदि की हत्या करने वाला मुसलमान नहीं था। ऐसे ही नेपाल के शाही घराने के पूरे परिवार की हत्या करने वाला भी मुसलमान नहीं था। श्रीलंका के राष्ट्रपति को मारने वाला भी मुसलमान नहीं था। ऐसी सूरत में इन तीनों मंत्रियों का मुसलमानों पर आतंकवादी होने का आरोप लगाना सरासर निराधार है। उन्होंने कहा कि इन मंत्रियों को मदरसों का इतिहास पढ़ना चाहिए। कहा कि आतंकवाद एक बीमारी है, इससे सबको मिलकर लड़ना होगा।