प्यार और मोहब्बत वाला धर्म है इस्लाम
मौलाना ने कहा कि धर्म के प्रचार-प्रसार की हर शख्स को इजाजत हासिल है। इस्लाम का प्रचारक अपने धर्म के प्रचार के किसी गैर मुस्लिम के सामने इस्लाम की खूबियां बयान तो कर सकता है, लेकिन उसे इस बात की बिल्कुल इजाजत नहीं है कि वह पहले से अपने धर्म पर अमल कर रहे उन गैर मुस्लिमों पर जोर व जबरदस्ती कर उन्हें इस्लाम धर्म में दाखिल करने की कोशिश करें। मौलाना ने आगे कहा कि इस्लाम जब्र (मजबूरी), दबाव, लालच का धर्म नहीं है बल्कि प्यार और मोहब्बत वाला धर्म है।