मौलाना रजवी ने स्पष्ट किया कि कोई भी मुस्लिम पुरुष या महिला मंदिर में पूजा या दर्शन करता है, तो वह शरीयत की रोशनी में नाजायज और हराम है। उन्होंने कहा कि सारा अली खान ने केदारनाथ मंदिर में पूजा की, जो शरीयत के अनुसार नाजायज और हराम है।
मौलाना ने बताया कि कई मुस्लिम नौजवानों ने उनसे सवाल किया था कि क्या शरीयत इसकी इजाजत देती है। इसी के जवाब में उन्होंने यह फतवा जारी किया। रजवी ने बताया कि शरीयत-ए-इस्लामिया अपने अनुयायियों को दूसरे धर्मों की धार्मिक परंपराओं को अपनाने की इजाजत नहीं देती है। उन्होंने शरीयत की नजर में सारा अली खान को गुनहगार ठहराया।