यह है मामला
सरकार द्वारा प्रदेश के सभी मदरसाओं के सर्वे के बाद एक बार फिर मुजफ्फरनगर के मदरसे चर्चाओं में है। कारण है कि शिक्षा विभाग द्वारा मुजफ्फरनगर के लगभग एक दर्जन से ज्यादा मदरसा संचालकों को एक नोटिस जारी करते हुए यह पूछा गया है कि अगर उनका मदरसा निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के अध्याय 4 की धारा 18 के अनुसार मान्यता प्राप्त है तो मदरसे की मान्यता संबंधित अभिलेखों में तीन दिन के अंदर उपलब्ध कराएं। यदि आपका मदरसा मान्यता प्राप्त नहीं है तो आपके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आपकी मदद से या विद्यालय को आरटीई एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। यदि मदरसा खुल पाया गया तो प्रतिदिन 10 हजार रुपए का जुर्माना भी आप पर लगाया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग से नोटिस मिलने के बाद सभी मदरसा संचालकों में हड़कंप मच गया।