गलत कामों और आदतों से दूर रहने की नसीहत
मौलाना ने आगे कहा कि उनका सबसे बड़ा पैग़ाम मोहब्बत, अमन और शांति है। उन्होंने सिखाया कि झूठ मत बोलो, धोखा मत दो। नाजायज़ काम मत करो। नशा और शराब से दूर रहो। जुआ-सट्टा मत खेलो। यही उनकी शिक्षाएं हैं, जिन पर अमल कर इंसान अपनी ज़िंदगी और सीरत को बेहतर बना सकता है। अगर मोहब्बत का इज़हार करना है, तो सीरत-उल-नबी के जलसे में करें, मस्जिदों और मदरसों में उनकी सीरत पर रोशनी डालें, और अपनी व अपने परिवार की ज़िंदगी को उनके बताए रास्ते पर चलाकर गुज़ारें। किसी भी हाल में कानून को अपने हाथ में न लें, और टकराव का कोई भी रास्ता न चुनें।