बरेली। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान इज्जतनगर परिसर में अगले सत्र (2026-27) से दो नए पाठ्यक्रम मास्टर इन वाइल्ड लाइफ और वन हेल्थ मास्टर डिग्री शुरू किए जाएंगे। इसकी स्वीकृति शैक्षणिक परिषद ने दे दी है। पाठ्यक्रम की रूपरेखा की तैयारियां चल रही हैं।
आईवीआरआई डायरेक्टर डॉ. त्रिवेणी दत्त ने कहा कि वन हेल्थ कोई छोटा विषय नहीं है। इसमें फूड सिस्टम, कृषि, वन्यजीव और पर्यावरण जैसे समग्र पहलू शामिल हैं। वन हेल्थ कार्यक्रम शिक्षा, अनुसंधान के क्षेत्र में एक बहुविषयी पहल है। जो राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय संस्था के लिए भविष्य में बेहद उपयोगी होगा।
बताया कि हाल ही में आईवीआरआई ने ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग के माध्यम से वन हेल्थ पर एक डिप्लोमा कार्यक्रम शुरू किया है। जिसमें विद्यार्थियों की रुचि को देखते हुए वन हेल्थ में मास्टर डिग्री कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। वन हेल्थ प्रोजेक्ट पर शोध कार्य भी संचालित है।
डॉ. दत्त के मुताबिक चिड़ियाघर और वन अभ्यारण्य में रहने वाले पशुओं के व्यवहार, प्राकृतिक जैव सुरक्षा, प्रजनन, भोजन, रोग और उसके निदान समेत अन्य विषयों पर वैज्ञानिक और व्यावहारिक पहलू की जानकारी देने के लिए मास्टर इन वाइल्ड लाइफ पाठ्यक्रम शुरू होगा। इसमें वे सभी जानवर, पौधे और अन्य जीव शामिल होंगे जो पालतू नहीं है। यानी अपने प्राकृतिक आवास में ही रहते हैं। मुख्य विषय में पशु व्यवहार, ट्रैकिंग, वन्यजीव संरक्षण, प्रबंधन सिद्धांत, प्राथमिक चिकित्सा, ईको टूरिज्म और संरक्षण आदि शामिल किया जाएगा। ब्यूरो