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कुतुबखाना मस्जिद किसकी, जुटाए सुबूत

Sun, 23 Aug 2015 01:59 AM IST
बरेली
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बरेली। कुतुबखाना मस्जिद प्रकरण में जांच करने के लिए लखनऊ वक्फ बोर्ड की तीन सदस्यीय कमेटी शनिवार को बरेली आई। मुख्य रूप से उन्हें मस्जिद के दुकानदारों और नमाजियों से बात करनी थी, मगर टीम देवबंद और अंजुमन इस्लामियां के लोगों से भी मिली। सभी की बात सुनी, उनके मन को टटोला और वापस हो गई।
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जांच टीम के यहां शनिवार को आने की पहले से किसी को खबर ही नहीं थी। टीम ने बरेली पहुंच कर दोनों पक्षों को फोन किया। अचानक टीम के पहुंचने से हड़कंप भी रहा। सभी ने आनन फानन में अपनी तैयारी की और टीम के पहुंचने पर अपनी बात रखी। यह टीम वक्फ बोर्ड के सीनियर इंस्पेक्टर मोहम्मद मुबीन खां के नेतृत्व में यहां पहुंची थी। इसमें बरेली आगरा मंडल के वक्फ इंस्पेक्टर सय्यद नोमान अतहर और बरेली मंडल के आडीटर मोहम्मद असद शामिल थे।

किसने क्या पक्ष रखा
ॎ देवबंद पक्ष: टीम सबसे पहले देवबंद पक्ष की ओर पहुंची। यहां मुफ्ती मोहम्मद मियां कासमी, अब्दुल सलाम खां और मुफ्ती अबु जफर नोमानी आदि से बात की। इसमें देवबंद पक्ष ने यही कहा कि जो व्यवस्था चली आ रही है कि इमाम व मोअज्जिन देवबंदी रहा है वही रहे। नई परंपरा न बनाई जाए। अंजुमन इस्लामियां जैसे वेतन देता रहा है वह दे। दुकान आदि के किराए से उनका कोई मतलब नहीं है। अब्दुल सलाम ने कहा कि हम लोग तो यही चाहते हैं कि किसी तरह मस्जिद आबाद हो।  
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ॎ अंजुमन इस्लामियां पक्ष: अंजुमन की ओर से बात करते हुए सचिव हुमायूं रियासत, डा. नफीस खां और डा. इक्तेदार ने कहा कि हमारी बात तो वही है जो शुरू से कह रहे हैं कि अंजुमन इस्लामियां को लीगल तौर पर पूरा अधिकार है कि वह मस्जिद में जिसे चाहे रखें जिसे चाहे हटाएं। इसमें कोई भी हस्तक्षेप कर ही नहीं सकता। उन्होंने यह भी कहा कि वैसे तो और ज्यादा कहने की स्थिति तो बनती नहीं क्योंकि वक्फ बोर्ड के चेयरमैन ने जो बरेली के लिए जो जांच कमेटी की बात कही थी वह नमाजियों और दुकानदारों से बयान लेने की बात हुई थी।   

ॎ नमाजियों और दुकानदारों का पक्ष: कुतुबखाना मस्जिद के दुकानदारों और यहां के नमाजियों के बीच जब जांच टीम पहुंची तो बरेलवी पक्ष के लोगों ने घेर लिया। उन्होंने मस्जिद की स्थित से अवगत कराते हुए कहा कि वक्फनामे के अनुसार सुन्नी बरेलवी के हक में फैसला किया जाए। इसके साथ ही दुकानदारों ने मस्जिद के बरेलवी पक्ष के होने का हलफनामा भी टीम को दिया। इसमें मुख्य रूप से मोहम्मद आरिफ शमसी, हाजी मोहम्मद जावेद खान, हाजी वासिल शमसी, ताहिर शमसी, नदीम बेग आदि हैं। जबकि देवबंद पक्ष के दुकानदारों व नमाजियों ने भी मदरसा काशीफुल उलूम मेें बातचीत के दौरान हलफनामा दिया है। जिसके मुताबिक मस्जिद देवबंदियों के होने की बात कही गई है। इसमें हकीम खुर्शीद, हकीम तहजीब, डा. खालिद, नजीम शमसी शमसी, मुजाहिद शमसी आदि हैं।

ॎ जांच टीम की बात: जांच टीम ने कहा कि उन्होंने सभी पक्षों से बात कर ली है। वह लखनऊ जा कर वक्फ बोर्ड को जांच रिपोर्ट सौंपेंगे। फैसला तो बोर्ड को लेना है। फिलहाल वह कुछ भी बता पाने में असमर्थ हैं।
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