मंडल स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला में शहर की प्रमुख लोगों को सम्मानित किया गया।
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कार्यशाला में शहर को कचरामुक्त बनाने पर हुआ मंथन
शहर को स्वच्छ, सुंदर और कचरा मुक्त (जीरो-वेस्ट) बनाने के संकल्प के साथ नगर निगम बरेली ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के लिए अपनी कमर कस ली है। शनिवार को जीआईसी ऑडिटोरियम में मंडल स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में बरेली मंडल के विभिन्न निकायों से आए 500 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जहां आगामी सर्वेक्षण में राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त करने के लिए विस्तृत एक्शन प्लान तैयार किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महापौर उमेश गौतम और शाहजहांपुर की महापौर अर्चना वर्मा ने किया। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने गार्बेज फ्री सिटी, ओडीएफ, वॉटर प्लस और डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन जैसे महत्वपूर्ण मानकों पर प्रशिक्षण दिया गया। इसके अलावा, सोर्स सेग्रीगेशन (कूड़े का स्रोत पर पृथक्करण), ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और जल प्रबंधन की बारीकियों के बारे में बताया गया।
महापौर उमेश गौतम ने स्वच्छता के प्रति जनभागीदारी पर विशेष जोर दिया। शाहजहांपुर की महापौर अर्चना वर्मा ने कहा कि नगर निकायों के बीच आपसी समन्वय व नवाचार ही इस सर्वेक्षण में सफलता की कुंजी साबित होंगे। समाजसेवी मोहित शर्मा, प्रतिभा जौहरी, डॉ. सबीन एहसान, नीतू विष्ट और विजय मैसी को स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए आधिकारिक तौर पर स्वच्छ ब्रांड एम्बेसडर नामित किया गया और उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। स्वच्छ भारत मिशन के प्रभारी राजीव कुमार राठी ने बताया कि नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य के निर्देशन में आयोजित यह कार्यशाला मील का पत्थर साबित होगी।