बरातघर के बाहर खड़े लोग
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नफीस और आरिफ का ढहाया किला
सबसे पहले बवाल के आरोपी मौलाना तौकीर के करीबी नफीस की नावल्टी स्थित मार्केट को नगर निगम ने सील किया था। इसमें 74 दुकानें और आईएमसी का दफ्तर भी है। नगर निगम व बीडीए की टीम ने बानखाना में सपा पार्षद उमान रजा के अवैध चार्जिंग स्टेशन को बुलडोजर से ध्वस्त किया। एक चार्जिंग स्टेशन को सील किया गया। नफीस के जखीरा स्थित बरात घर को जमींदोज किया गया।
मौलाना तौकीर के करीबी शराफत का बरातघर, बर्फ खाना और जिम को सील किया गया। बानखाना में सपा पार्षद अब्दुल कय्यूम मुन्ना का ई-बाइकों का शोरूम सील किया गया। मौलाना को शरण देने वाले फरहत का मकान भी सील कर दिया गया। मौलाना के करीबी आरिफ की जगतपुर स्थित 16 दुकानों की मार्केट और पीलीभीत बाइपास पर स्थित अवैध शोरूम को ध्वस्त किया गया।
बरातघर के बाहर तैनात पुलिस बल
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बवाल के आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद निशाने पर आए बरातघर
बवाल के बाद सूफी टोला व यहीं के रजा चौक से भी कई आरोपी पकड़े गए थे। मौलाना के बुलावे पर युवाओं की भीड़ यहां से इस्लामिया कॉलेज की ओर निकली थी। चर्चा थी कि इन लड़कों को उकसाकर भेजने में इलाके के रसूखदार लोगों की भूमिका रही। उन्होंने गाड़ियों व भोजन आदि की व्यवस्था कराई थी।
पकड़े गए आरोपियों को जेल भेजने से पहले की गई पूछताछ में दोनों बरातघर मालिकों का नाम सामने आया था। पुराने शहर के कई बड़े व्यापारियों, बरातघर मालिकों से मौलाना की करीबी बताई जाती है। चर्चा है कि मौलाना के अक्सर होने वाले धरना प्रदर्शन के लिए स्टेज से लेकर, दरी, कुर्सियों का इंतजाम इन लोगों के हाथ में रहता है। दस्तारबंदी में भी ये मदद करते हैं।
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