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UP: बरेली में मौलाना तौकीर के करीबियों पर शिकंजा, दो बरातघरों पर चल सकता है बीडीए का बुलडोजर; नोटिस जारी

Mon, 01 Dec 2025 12:31 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली के सूफी टोला स्थित दो बरातघरों पर बीडीए का बुलडोजर गरजेगा। दोनों बरातघरों के संचालकों को नोटिस जारी हुआ है। सोमवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होनी थी, लेकिन फोर्स की कमी के कारण फिलहाल कार्रवाई टल गई है। मंगलवार को दोनों बरातघरों पर बुलडोजर चल सकता है। 
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बरातघर के बाहर तैनात पुलिस बल - फोटो : संवाद
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विस्तार
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बरेली में बवाल के आरोपी मौलाना तौकीर रजा के दो करीबियों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। पुराना शहर के सूफी टोला स्थित दो बारातघरों के ध्वस्तीकरण का नोटिस रविवार को वायरल हुआ। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) के सचिव ने एसएसपी को पत्र लिखकर सूफी टोला के गुड मैरिज हॉल और ऐवान-ए-फरहत बरातघर के ध्वस्तीकरण के लिए पुलिस बल मांगा।

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बारादरी थाना पुलिस ने फिलहाल ऐवान-ए-फरहत बरातघर संबंधी नोटिस मिलने की पुष्टि की। इसी क्रम में थाना पुलिस की टीम सोमवार सुबह मौके पर पहुंच गई। गुड मैरिज हॉल के संचालक ने बरातघर से सामान बाहर निकालना शुरू कर दिया। हालांकि दोपहर 12 बजे तक बीडीए का कोई अफसर मौके पर नहीं पहुंचा था। बाद में फोर्स की कमी के कारण ध्वस्तीकरण की कार्रवाई स्थगित कर दी गई।   

मौलाना के करीबी हैं दोनों बरातघर संचालक 
मौलाना तौकीर के बुलावे पर जुटी भीड़ ने 26 सितंबर को शहर में बवाल किया था। शासन के निर्देश पर बवाल के आरोपियों और उनको संरक्षण देने वालों की जांच और कार्रवाई का सिलसिला जारी है। अब गुड मैरिज हॉल के मालिक राशिद खां और ऐवान-ए-फरहत बरातघर के मालिक सरफराज वली खां का नाम भी मौलाना के करीबियों के तौर पर चर्चा में आया है।
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बीडीए सूत्रों के मुताबिक, दोनों बरातघर बिना मानचित्र स्वीकृति के बने हैं। दोनों के ध्वस्तीकरण के आदेश वर्ष 2011 में ही पारित हो गए थे। अब इस कार्रवाई को बरेली बवाल के बाद सीएम योगी के सख्त रुख से जोड़कर देखा जा रहा है। बारादरी थाना प्रभारी धनंजय पांडेय ने बताया कि बीडीए का पत्र मिला था। इसी क्रम में सोमवार सुबह पुलिस टीम मौके पर मुस्तैद कर दी गई। 

बरातघर के बाहर खड़े लोग - फोटो : अमर उजाला
नफीस और आरिफ का ढहाया किला 
सबसे पहले बवाल के आरोपी मौलाना तौकीर के करीबी नफीस की नावल्टी स्थित मार्केट को नगर निगम ने सील किया था। इसमें 74 दुकानें और आईएमसी का दफ्तर भी है। नगर निगम व बीडीए की टीम ने बानखाना में सपा पार्षद उमान रजा के अवैध चार्जिंग स्टेशन को बुलडोजर से ध्वस्त किया। एक चार्जिंग स्टेशन को सील किया गया। नफीस के जखीरा स्थित बरात घर को जमींदोज किया गया। 

मौलाना तौकीर के करीबी शराफत का बरातघर, बर्फ खाना और जिम को सील किया गया। बानखाना में सपा पार्षद अब्दुल कय्यूम मुन्ना का ई-बाइकों का शोरूम सील किया गया। मौलाना को शरण देने वाले फरहत का मकान भी सील कर दिया गया। मौलाना के करीबी आरिफ की जगतपुर स्थित 16 दुकानों की मार्केट और पीलीभीत बाइपास पर स्थित अवैध शोरूम को ध्वस्त किया गया।
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बरातघर के बाहर तैनात पुलिस बल - फोटो : संवाद
बवाल के आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद निशाने पर आए बरातघर 
बवाल के बाद सूफी टोला व यहीं के रजा चौक से भी कई आरोपी पकड़े गए थे। मौलाना के बुलावे पर युवाओं की भीड़ यहां से इस्लामिया कॉलेज की ओर निकली थी। चर्चा थी कि इन लड़कों को उकसाकर भेजने में इलाके के रसूखदार लोगों की भूमिका रही। उन्होंने गाड़ियों व भोजन आदि की व्यवस्था कराई थी।

पकड़े गए आरोपियों को जेल भेजने से पहले की गई पूछताछ में दोनों बरातघर मालिकों का नाम सामने आया था। पुराने शहर के कई बड़े व्यापारियों, बरातघर मालिकों से मौलाना की करीबी बताई जाती है। चर्चा है कि मौलाना के अक्सर होने वाले धरना प्रदर्शन के लिए स्टेज से लेकर, दरी, कुर्सियों का इंतजाम इन लोगों के हाथ में रहता है। दस्तारबंदी में भी ये मदद करते हैं। 

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