बरेली। कोरोना की वजह से दो साल तक धनतेरस कारोबारियों के लिहाज से फीकी जरूर रही लेकिन इस बार बाजार पर उम्मीद से ज्यादा हुई धनवर्षा ने सारी कसर पूरी कर दी। इस बार दो दिन की धनतेरस में सात सौ करोड़ से ज्यादा का कारोबार होने का अनुमान है जो पिछले साल की तुलना में करीब डेढ़ गुना बताया जा रहा है। कारोबारी इसे आगे के लिए भी शुभ संकेत मान रहे हैं।
धनतेरस पर खरीदारी का मुहूर्त इस बार शनिवार शाम छह बजे से रविवार शाम सात बजे तक रहा। शनिवार शाम को मुहूर्त शुरू होने के साथ बाजारों में खरीदारी के लिए भीड़ उमड़नी शुरू हुई तो रविवार शाम तक कारोबारियों को सांस लेने की फुर्सत नहीं मिल पाई। सोना-चांदी, ऑटो मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल्स, मिठाई, ड्राई फ्रूट, गारमेंट, किराना, फल-फूल, खाद्यान्न और पूजन सामग्री की दुकानों पर कतार लगी रही। सर्वाधिक भीड़ बर्तन बाजार मेें रही लेकिन सर्वाधिक धनवर्षा सराफा कारोबार पर हुई। तीसरे नंबर पर ऑटोमोबाइल सेक्टर रहा।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र गुप्ता के मुताबिक इस साल लोगों ने त्योहार की निरंतरता के बीच जमकर खरीदारी की। धनतेरस पर शनिवार शाम को भले ही मुहूर्त लगा पर खरीदारी की शुरुआत दिन में ही हो गई थी। रात तक करीब तीन सौ करोड़ का कारोबार हुआ। रविवार को सुबह दस बजे से बाजार में लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया जो देर रात तक जारी रहा।
सराफा बाजार पर बरसे 250 करोड़
दो दिन तक चली खरीदारी के बाद सराफा बाजार में करीब ढाई सौ करोड़ का कारोबार होने का अनुमान है। सोने-चांदी के सिक्कों के साथ टेंपल डिजाइन के गहने, नौ लखा, सोने की अंगूठी, बालियां, झुमके, कंगन, चूड़ियां, सोने-चांदी से जड़े रत्न, हीरे के गहनों की जबर्दस्त सेल हुई। इस बार मध्य वर्ग ने भी सराफा बाजार में जमकर खरीदारी की।
ऑटोमोबाइल सेक्टर में आए 175 करोड़
वाहनों की खरीदारी में भी लोग पीछे नहीं रहे। कारोबारियों के मुताबिक इस धनतेरस पर वाहन बाजार करीब 175 करोड़ रुपये का रहा। इसमें ढाई हजार अलग-अलग रेंज की बाइक और चार सौ कारों की डिलीवरी दो दिन में हुई है। सर्वाधिक बिक्री 80 हजार से सवा लाख रुपये तक की बाइक की रही। फैमिली, स्टैंडर्ड और लग्जरी रेंज में स्टैंडर्ड यानी आठ से 15 लाख की कारों की काफी डिमांड रही।
मिठाई, ड्राईफ्रूट, किराना पर सौ करोड़
त्योहार का मजा बगैर मिठाई के मुमकिन नहीं। कारोबारियों के मुताबिक मिठाई के साथ लोगों ने काजू, बादाम, अंजीर, मुनक्का समेत खजूर जैसे ड्राई फ्रूट की भी जमकर खरीदारी की। इस सेक्टर में करीब 55 करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान लगाया जा रहा है। उधर, तेल, रिफाइंड, बासमती चावल और दूसरे खाद्यान्न की भी करीब 45 करोड़ की खरीदारी होने की बात कही जा रही है।
75 करोड़ से चमका इलेक्ट्रॉनिक बाजार
घर, प्रतिष्ठान, दुकान, मंदिर आदि की सजावट के लिए इलेक्ट्रिकल्स के बाजार में भी लोगों की सर्वाधिक भीड़भाड़ दिखाई दी। झालर, बल्व जैसे सजावटी सामान के साथ लोगों ने एसी, गीजर, वार्मर, ब्लोअर, वाशिंग मशीन, टीबी, होम थिएटर, स्मार्टफोन, एसेसरीज, वाटर हीटर और दूसरे उपकरणों की भी खरीदारी की। इस सेक्टर में करीब 75 करोड़ का अनुमानित कारोबार रहा। जानकारों के मुताबिक लोगों ने अबकी गाढ़ी कमाई के इंवेस्टमेंट में ज्यादा दिलचस्पी ली।
बर्तन बाजार में 30, गारमेंट पर 25 करोड़
धनतेरस पर बर्तनों की खरीदारी करने की मान्यता है। लिहाजा बर्तन बाजार दो दिनों तक लगातार खनक बरकरार रही। स्टेनलेस स्टील, तांबा और फूल के धातु की बर्तनों की मांग सर्वाधिक रही। इस सेक्टर में अनुमानित तौर पर 30 करोड़ का कारोबार हुआ। उधर, नए कपड़ों में दिवाली मनाने की परंपरा से गारमेंट्स का कारोबार में भी उछाल आया। ब्रांडेड और लोकल बाजार में करीब 25 करोड़ आने का अनुमान है।
आतिशबाजी पर दस, फुटकर 35 करोड़
आतिशबाजी के बगैर कैसी दिवाली, इस चाहत ने पटाखा कारोबारियों के चेहरे पर मुस्कान ला दी। मिनी बाईपास, सौ फुटा के थोक और शहर के सात अलग-अलग स्थानों पर लगे अस्थायी पटाखा बाजार में करीब दस करोड़ की खरीदारी का अनुमान है। वहीं, फूल, फल, श्री गणेश लक्ष्मी की मूर्ति, मिट्टी के दीये, खील, खिलौने, बताशे, पूजन सामग्री आदि के बाजार पर 35 करोड़ बरसे हैं।