डीएम ने एसडीएम आंवला को मामले की जांच का निर्देश दिया था, पर वह आज तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी हैं। अभी कुछ दिनों पहले ही पुलिस ने 56 अपात्रों के खातों में विधवा पेंशन के 1.23 करोड़ रुपये जाने का खुलासा किया। पुलिस ने कहा कि बिचौलियों ने खुद को भी मृत घोषित कर अपनी पत्नियों के खातों में विधवा पेंशन भिजवाई है।
32 विधवाओं को मृत दिखाकर बंद की पेंशन
भुता ब्लॉक के अहिरौला की विद्या देवी को मृत दिखाकर उनकी पेंशन रोक दी गई। डीएम के हस्तक्षेप पर जांच के बाद पंचायत सचिव सुमित गुप्ता को सत्यापन में लापरवाही बरतने पर निलंबित किया गया है। ऐसे ही डीएम के पास 32 और मामले हैं, जिनमें निराश्रित महिलाओं को मृत घोषित कर उनकी पेंशन बंद कर दी गई है। ये महिलाएं डीएम के सामने पेश हो चुकी हैं। डीएम सभी मामलों की जांच करा रहे हैं।
इनको भी नहीं मिल रही पेंशन
कांशीराम कॉलोनी निवासी रुखसाना ने बताया कि वर्ष 2011 से मिल रही पेंशन मार्च में अचानक बंद हो गई। तब से डीपीओ कार्यालय के चक्कर लगा रही हूं। न तो किसी ने वजह बताई, न ही दोबारा पेंशन शुरू हो सकी। आजम नगर की शबाना कुरैशी ने बताया कि पेंशन कट गई तो 24 जुलाई को दोबारा आवेदन किया। कई बार चक्कर लगा चुकी हूं। लिपिकों ने वजह भी नहीं बताई। बोले- घर जाओ, जनवरी-फरवरी में पेंशन आएगी।
डीएम अविनाश सिंह ने बताया कि जीवित लाभार्थियों की पेंशन रोकने से संबंधित मामलों की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने दीजिए, जो भी जिम्मेदार हैं, उन पर कार्रवाई करेंगे।