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Bareilly News: अनफिट डग्गामार वाहनों के सहारे कई रूट, अनुबंध के लिए आगे नहीं आए निजी बस संचालक

Sun, 04 Oct 2026 11:58 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
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बरेली। मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना जिले में एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकी। रोडवेज बस न चलने वाले रूटों पर परिवहन सेवा मुहैया कराने के लिए निजी बस ऑपरेटर आगेे ही नहीं आए। जिला और तहसील मुख्यालय तक पहुंचने के लिए तमाम रूटों पर लोग अनफिट डग्गामार वाहनों के सहारे हैं। रोडवेज ने भी अपना दायरा बढ़ाने की जरूरत नहीं समझी।
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ग्रामीण क्षेत्रों को जिला, तहसील और ब्लॉक मुख्यालयों से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत अनुबंध शर्तों के अनुसार निजी बस संचालन के लिए 1500 रुपये माह रोडवेज को देने का प्रावधान है। योजना के तहत अनुबंध करने वाले बस संचालकों को स्वयं रूट तय करने की सुविधा भी है।
वाहन की आयु आठ वर्ष से ज्यादा न होने की शर्त पर इस योजना के तहत 15 से 28 सीटर डीजल, सीएनजी या इलेक्ट्रिक मिनी बसों का संचालन किया जाना था। वाहन चालकों को परमिट में छूट की भी सुविधा है। इसके बाद भी जिले में एक भी निजी बस संचालक अनुबंध के लिए आगे नहीं आया।
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बढ़ रही दिल्ली, एनसीआर में उम्र पूरी कर चुके वाहनों की संख्या
सरकार की नई स्क्रैप नीति के अनुसार दिल्ली और एनसीआर में डीजल वाहनों की आयु 10 और पेट्रोल वाहनों की 15 साल निर्धारित है। जो वाहन दिल्ली और एनसीआर में उम्र पूरी कर लेते हैं उनको बरेली समेत यूपी के अन्य जिलों में लाया जाता है। यहां पांच साल के लिए पुन: पंजीकरण की सुविधा है। ऐसे में जिले में एनसीआर और दिल्ली में उम्र पूरी कर चुके वाहनों की संख्या बढ़ रही है। बरेली में ऐसे वाहनों की संख्या 19 हजार से ज्यादा है। जिले में बहेड़ी और सिरौली में दो स्क्रैप सेंटर है, लेकिन उम्र पूरी कर चुके वाहन यहां नहीं पहुंच रहे।

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बरेली-शीशगढ़ के बीच डेढ़ साल से बस सेवा नहीं

मीरगंज/दुनका। डेढ़ साल पहले बरेली-शीशगढ़ के बीच नियमित बस सेवा बंद कर दी गई। बाद में कुछ दिन 60 किमी के इस रूट पर ई-बसों का संचालन किया गया। अब तमाम गांवों के लोग डग्गामार वाहनों के सहारे हैं। यह मार्ग बहेड़ी, बिलासपुर और रुद्रपुर आने-जाने वाले यात्रियों के लिए भी अहम है। स्थानीय लोगों ने सांसद से बस सेवा शुरू कराने की मांग की तो इस रूट पर चार बसों को लगाया गया, लेकिन 20 दिन बाद इनका संचालन भी बंद कर दिया गया। संवाद



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टूरिस्ट परमिट की बसें भरती हैं सवारियां

सिरौली। क्षेत्र के कई गांवों के लोगों को तहसील और जिला मुख्यालय तक जाने-आने के लिए डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ा है। टूरिस्ट परमिट पर चलने वाली बसें आंवला, सिरौली से दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ आदि स्थानों के लिए खुलेआम सवारियां भरती हैं। कुछ समय पहले तक सिरौली होकर बरेली, बदायूं, मुरादाबाद डिपो के आठ बसों का संचालन दिल्ली के लिए किया जाता था। अब महज तीन बसें ही बची हैं।



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बिना परमिट दौड़ रहे टेंपो

शीशगढ़। शीशगढ़-धनेटा मार्ग पर बिना परमिट डग्गामार टेंपो का संचालन हो रहा है। कस्बे के वसीम अहमद, अंकुश गुप्ता, जलीश अहमद ने बताया कि 20 दिनों से बरेली-शीशगढ़ रोडवेज बस सेवा बंद है। धनेटा से तहसील, ब्लॉक और जिला मुख्यालय तक परिवहन सेवा नहीं है।



रामनगर में प्रसिद्ध तीर्थ स्थल, लेकिन सिर्फ एक बस

रामनगर। श्री अहिच्छत्र पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर रामनगर में देशभर से श्रद्धालु आते हैं, पर जिला मुख्यालय बरेली के लिए पर्याप्त रोडवेज बसें नहीं हैं। वर्तमान में रामपुर से चलने वाली एक रोडवेज बस ही रामनगर, आंवला होते हुए बरेली पहुंचती है। यही बस बरेली से रामपुर वापस जाती है। रामनगर से बरेली के लिए कोई सीधी बस सेवा उपलब्ध नहीं है। अहिच्छत्र पार्श्वनाथ दिगंबर जैन के प्रबंधक ओमप्रकाश ने बताया कि यह तीर्थ क्षेत्र धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यहां के लिए सुगम परिवहन सेवा उपलब्ध होनी चाहिए।

वर्जन :
मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत 15 से 28 सीटर डीजल, सीएनजी या इलेक्ट्रिक मिनी बसों को अनुबंध पर रखा जाना है। जिले में अब तक कोई बस संचालक अनुबंध के लिए आगे नहीं आया है। कुछ रूटों पर रोडवेज अपना दायरा बढ़ाएगा। - मोहम्मद अजीम, क्षेत्रीय प्रबंधक
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