बरेली। शहर की निगरानी के लिए स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत लगाए गए आधुनिक सीसीटीवी कैमरे बंदरों के उत्पात से क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। बंदर कई बार कैमरों वाले पोल पर चढ़ जाते हैं और उसे हिलाते हैं। इससे कैमरों का एंगल बदल जाता है। कई बार ये तार नोच देते हैं, जिससे कैमरे काम करना बंद कर देते हैं। इससे इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से होने वाली लाइव मॉनिटरिंग बाधित होती है।
शहर में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए 176 प्रमुख प्वाइंट पर आधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के संचालन के लिए 1,352 पोल लगाए गए हैं। प्रमुख चौराहों, पॉश इलाकों और नगर निगम परिसर के आसपास बंदरों का उत्पात ज्यादा है। बंदरों की ओर से पोल हिलाए जाने से कैमरों की दिशा बदल जाती है और कई स्थानों पर नेटवर्क भी बाधित हो जाता है। नतीजा, आईसीसीसी से शहर पर नजर रखने वाली पुलिस टीम के सामने मुश्किलें पेश आती हैं।
इससे यातायात प्रबंधन, भीड़भाड़ और सुरक्षा व्यवस्था की लाइव फीड कई बार बाधित हो जाती है। स्मार्ट सिटी कंपनी के एसीईओ शशिभूषण राय का कहना है कि बंदरों ने कैमरों के कई पोल को नुकसान पहुंचाया है। स्मार्ट सिटी कंपनी से जुड़े तकनीकी अधिकारियों व कर्मचारियों को खराब हुए कैमरों व उनकी दिशा को बार-बार दुरुस्त करने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ रही है।
कैमरों की मदद से माहभर में 10 चोरियों का खुलासा
बरेली। शहर में लगे कैमरों की मदद से पुलिस कई घटनाओं का खुलासा कर चुकी है। नोडल अधिकारी एसपी यातायात मोहम्मद अकमल खान ने बताया कि आईसीसीसी की टीम ने सितंबर में 10 चोरियों, एक लूट, एक छिनैती, एक गोकशी, एक एक्सीडेंट व धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के एक मामले के खुलासे में पुलिस का सहयोग किया है। टीम ने गोसाई गौटिया के देवदत्त मौर्य का बैग, बहारनगला निवासी महिपाल का छाता, कपड़े, चार्जर, मोबाइल फोन, भोजीपुरा निवासी अर्जुन का स्पीकर व टैबलेट, पीलीभीत के जहानाबाद निवासी यूनिस का मोबाइल फोन, बहजोई निवासी यथार्थ, चितुपुरा भगवानपुर निवासी वंश पटेल, बदायूं के कुंवरगांव निवासी सचिन, बानखाना निवासी अभिषेक, सिविल एयरपोर्ट निवासी उवैस के बैग बरामद कराने में मदद की। यही वजह है कि कैमरों का सही एंगल और निर्बाध लाइव फीड चालू रहना सुरक्षा तंत्र के लिए बेहद जरूरी है। ब्यूरो
आईसीसीसी के पास 1200 कैमरों का एक्सेस
नोडल अधिकारी एसपी यातायात अकमल खान के मुताबिक, आईसीसीसी टीम के पास शहर में लगे 1200 सीसीटीवी कैमरों का एक्सेस है, जिनके जरिये 24 घंटे निगरानी की जाती है। कई नागरिकों व व्यापारियों के कैमरों का एक्सेस टीम के पास है।
सिविल लाइंस में ज्यादा उत्पाद
स्मार्ट सिटी के कर्मचारियों के मुताबिक, बंदरों का आतंक सिविल लाइंस इलाके में सबसे ज्यादा है। कमिश्नरी के पास कई जगह बंदरों ने कैमरे पलट दिए हैं, जिससे उनका फोकस बिगड़ गया। नावल्टी चौराहे के पास घने तारों से होकर बंदर कैमरे के पोल पर चढ़ जाते हैं और तार को क्षतिग्रस्त कर देते हैं। प्रेमनगर, राजेंद्रनगर, जीजीआईसी के आसपास से भी इस तरह की शिकायतें आती रहती हैं।
वर्जन
बंदरों को पकड़ने के लिए एजेंसी का चयन हो गया है, वर्क ऑर्डर जारी होते ही बंदरों को पकड़ने का काम शुरू होगा। - शशिभूषण राय, अपर नगर आयुक्त