खेल सर्टिफिकेट के चक्कर में मंगलवार को बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन (बीपीएड) की काउंसलिंग से कई अभ्यर्थियों को बाहर कर दिया गया। दो अभ्यर्थी ऐसे थे, जिनके एनसीटीई के मानकों के अनुसार स्नातक में अंक नहीं थे। इनको भी काउंसलिंग से बाहर कर दिया गया। पहले दिन दो सौ अभ्यर्थियों को बुलाया गया था, जिसमें 116 ने ही प्रवेश लिया।
बीपीएड कोर्स आरपी डिग्री कॉलेज मीरगंज, रुक्मिणी कॉलेज मुरादाबाद, एसपी कॉलेज टिगरी बिजनौर और तेजू सिंह मेमो कॉलेज गजरौला में संचालित है। यहां कुल 250 सीटें हैं। पिछले सेशन में बीपीएड के 70 अभ्यर्थियों के खेल सर्टिफिकेट संदिग्ध मिले थे। इनकी परीक्षा पर अब भी तलवार लटक रही है। इस साल ऐसा न हो, इसलिए एनसीटीई के मानकों का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। मंगलवार को 1-200 रैंक वालों को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया था। 116 अभ्यर्थियों ने एडमिशन लिया। पचास ऐसे अभ्यर्थी थे, जिनके पास सर्टिफिकेट नहीं थे। कुछ फोटो कॉपी लाए थे। ओरिजनल मांगने पर बहानेबाजी करने लगे। इन सभी की काउंसलिंग रोक दी गई। हालांकि, बुधवार को आखिरी मौका है। अगर अभ्यर्थी सर्टिफिकेट दिखा देते हैं तो उनको काउंसलिंग में शामिल कर लिया जाएगा वरना प्रवेश नहीं मिलेगा। पहले दिन मीरगंज कॉलेज की सारी सीटें भर गईं। गजरौला और बिजनौर के कॉलेज में काफी कम प्रवेश हुए। बुधवार को 377 रैंक तक वाले अभ्यर्थी बुलाए गए हैं।
वर्जन
काफी अभ्यर्थियों के पास खेल सर्टिफिकेट नहीं थे। उनकी काउंसलिंग नहीं की गई है। अगर ये बुधवार को सर्टिफिकेट दिखा देते हैं तो प्रवेश दे दिया जाएगा। एनसीटीई के मानकों के अनुसार ही प्रवेश दिया जाएगा।
-प्रो. एनपी सिंह ,डीन, शिक्षा एवं सहबद्ध विज्ञान विभाग