आंवला में गांव, बदायूं में जीत तलाश रहे दुर्विजय
भाजपा ने अपने सामान्य कार्यकर्ता दुर्विजय शाक्य को कुछ समय पहले ब्रज प्रांत का अध्यक्ष बनाकर ताकत दी। फिर स्वामी प्रसाद फैक्टर के साथ बागी तेवर अपना रहीं संघमित्रा मौर्य की काट करने के लिए बदायूं संसदीय सीट से उनको टिकट दे दिया। आरएसएस से राजनीतिक सफर शुरू करने वाले दुर्विजय मूल रूप से बदायूं जिले के निवासी जरूर हैं पर उनका गांव ब्राह्मपुर आंवला लोकसभा क्षेत्र में आता है। कई साल से दुर्विजय बरेली की नॉर्थ एक्सटेंशन कॉलोनी में रह रहे हैं और नामांकन में भी उनका यही पता लिखा है। हालांकि, ब्रज प्रांत का पद होने के नाते दुर्विजय शाक्य का बदायूं क्षेत्र में असर होने का दावा किया जा रहा है। इसी के बूते वह जीत का दम भर रहे हैं।
ककराला के मुस्लिम खां बदायूं में बने महावत
एक वक्त में बसपा के प्रभावशाली विधायक रहे मुस्लिम खां पर इस बार पार्टी सुप्रीमो मायावती ने फिर भरोसा जताया है। मुस्लिम खां यूं तो बदायूं जिले के निवासी हैं और बदायूं शहर में उनका घर भी है, लेकिन निर्वाचन क्षेत्र के नजरिये से देखा जाए तो वह आंवला लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाले ककराला कस्बे के मूल निवासी हैं। यानी कि मुस्लिम खां व उनका परिवार ककराला में जो वोट डालेगा, वह आंवला लोकसभा के किसी प्रत्याशी के लिए होगा। मुस्लिम खां की पत्नी ककराला नगर पालिका की चेयरपर्सन भी हैं। माना जा रहा है कि सपा के वोट बैंक में सेंधमारी कर मुस्लिम खां उलटफेर कर सकते हैं।
शाहजहांपुर के जितिन ने पीलीभीत में खेला है दांव
शाहजहांपुर के मूल निवासी जितिन प्रसाद को इस बार भाजपा ने पीलीभीत से चुनाव लड़ाया है। जितिन का पीलीभीत से कोई सीधा संबंध नहीं रहा है। शाहजहांपुर सीट सुरक्षित होने के बाद उन्होंने लखीमपुर की धौरहरा लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की थी। भाजपा में शामिल होने के बाद उन्हें प्रदेश का पीडब्ल्यूडी मंत्री बनाया गया था। जितिन शाहजहांपुर के चर्चित प्रसाद परिवार के वारिस हैं और इन दिनों भाजपा में ब्राह्मण चेहरे के रूप में काम कर रहे हैं। शाहजहांपुर और धौरहरा से पीलीभीत के सटे होने का फायदा जितिन को मिल सकता है।
शाहजहांपुर से आंवला में ताल ठोंक रहे नीरज
शाहजहांपुर की जलालाबाद विधानसभा सीट से दो बार विधायक रहे नीरज मौर्य वहीं के निवासी हैं। सपा ने उनको आंवला लोकसभा सीट से प्रत्याशी बनाया है। नीरज मौर्य बसपा और भाजपा में भी रह चुके हैं। इस बार सपा ने उन पर भरोसा जताते हुए पिछड़े वोटों में सेंधमारी की कोशिश की है। आंवला लोकसभा क्षेत्र से नीरज मौर्य का सीधा वास्ता नहीं है पर पड़ोस की विधानसभा सीट से विधायक रहने के नाते वह स्थानीय भूगोल अच्छी तरह समझने के दावे संग मैदान में हैं। बसपा प्रत्याशी आबिद अली उन पर बाहरी प्रत्याशी होने का आरोप लगाते रहे हैं पर नीरज मौर्य के समर्थक उनको बाहरी नहीं मानते।
बड़े नेताओं की पसंद रहा है रुहेलखंड
रुहेलखंड का बरेली मंडल बड़े और बाहरी नेताओं की पसंद रहा है। यहां सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव बदायूं लोकसभा की सहसवान व गुन्नौर सीट से विधायक रह चुके हैं। मायावती भी बिल्सी विधानसभा सीट से चुनाव जीती थीं। बाहुबली डीपी यादव व उनकी पत्नी बदायूं की सहसवान व बिसौली सीट से विधायक रहे। बदायूं से पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद सांसद रह चुके हैं। शरद यादव भी यहां से सांसद बने थे। दिल्ली से आकर मेनका गांधी पीलीभीत से सांसद बनीं और बाद में उनके बेटे वरुण जीतते रहे।