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बंदरों पर एयरगन चलाने की तैयारी पर भड़कीं मेनका गांधी

Thu, 22 Feb 2018 06:53 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
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monkey - फोटो : AFP
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डिप्टी डायरेक्टर (कृषि रक्षा) अशोक यादव को बिलवा फार्म से बंदरों को एयरगन से भगाने की तैयारी महंगी पड़ गई है। केंद्रीय बाल कल्याण मंत्री मेनका गांधी ने बंदरों पर एयरगन चलाने की कोशिश पर गुस्से का इजहार करते हुए मामले में एक्शन लेने की बात कही है। मेनका गांधी ने कहा है कि कृषि रक्षा विभाग के अफसर ने बंदरों को एयरगन की गोली से भगाने की सोची कैसे? वह इस मामले में डीएम से बात करेंगी। अगर बंदर ज्यादा हैं तो टेंडर कराकर उनको सही लोगों से पकड़वाकर जंगल में छुड़वाएं। 

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डिप्टी डायरेक्टर कृषि रक्षा अशोक यादव ने उप कृषि निदेशक (कृषि) विनोद कुमार को 17 फरवरी को पत्र लिखकर आईपीएम प्रयोगशाला (बिलवा) की सुरक्षा के लिए एयरगन खरीदने के लिए बजट मांगा था। उप निदेशक कृषि ने बिना लाइसेंस एयरगन खरीदने के लिए बजट देने की अनुमति देने से इंकार कर दिया था। डीडी कृषि रक्षा ने जब कलक्ट्रेट के बाबू से इस बारे में जानकारी की तो पता चला कि एयरगन खरीदने के लिए किसी लाइसेंस की जरूरत नहीं है। इस पर उन्होंने फिर से एयरगन खरीदने के लिए बजट देने का दबाव बनाया, ताकि वह उससे बंदरों को भगा सकें। यह मामला केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी तक पहुंचा तो उन्होंने एयरगन से बंदरों को मारने की तैयारी पर सख्त आपत्ति जताई। कहा, बंदरों पर एयरगन चलाना सरासर गलत है। डिप्टी डायरेक्टर कृषि रक्षा को अगर बंदरों से दिक्कत है, तो वह टेंडर कराकर बंदर पकड़वाएं। एयरगन चलाई तो उन पर वन्य जीव अधिनियम के तहत कार्रवाई कराएंगे। इसके लिए वह जल्द ही जिलाधिकारी से बात करेंगी। 
.. तो जेल में रहने की तैयारी कर लें डीडीपीपी 
डीएफओ भरतलाल ने कहा कि किसी भी जानवर पर एयरगन से गोली चलाना वन्य जीव अधिनियम के तहत गंभीर अपराध है। डिप्टी डायरेक्टर कृषि रक्षा ऐसा कोई दुस्साहस न करें। अगर उनको बंदर परेशान कर रहे हैं, तो वन विभाग को आवेदन देकर परमीशन लें और अपने खर्चे पर बंदर पकड़वाकर उनको जंगल में छुड़वाएं। कितने बंदर पकड़कर कौन से जंगल में छोड़े गए, वन विभाग को बाद में यह भी बताना होगा। अगर वह बंदरों पर एयरगन चलाते हैं तो उनको वन्य अधिनियम की धाराओं के तहत कम से कम दो साल की सजा और पांच लाख तक जुर्माना हो सकता है। वन विभाग चाहे तो सजा बढ़ा भी सकता है। 

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